विविध भजन (51)

जैसे सूरज की गर्मी

जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को मिल जाये तरुवर कि छाया ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है मैं जबसे शरण…
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अल्लाह तेरो नाम

अल्लाह तेरो नाम, ईश्वर तेरो नाम अल्लाह तेरो नाम, ईश्वर तेरो नाम सबको सन्मति दे भगवान सबको सन्मति दे भगवान अल्लाह तेरो नाम ...
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तोरा मन दर्पण कहलाये

तोरा मन दर्पण कहलाये - २ भले बुरे सारे कर्मों को, देखे और दिखाये तोरा मन दर्पण कहलाये - २ मन ही देवता, मन ही…
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सुख-वरण प्रभु, नारायण, हे, दु:ख-हरण प्रभु, नारायण, हे

सुख-वरण प्रभु, नारायण, हे, दु:ख-हरण प्रभु, नारायण, हे,तिरलोकपति, दाता, सुखधाम, स्वीकारो मेरे परनाम,प्रभु, स्वीकारो मेरे परनाम...
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सुख-वरण प्रभु, नारायण, हे, दु:ख-हरण प्रभु, नारायण, हे

सुख-वरण प्रभु, नारायण, हे, दु:ख-हरण प्रभु, नारायण, हे,तिरलोकपति, दाता, सुखधाम, स्वीकारो मेरे परनाम,प्रभु, स्वीकारो मेरे परनाम...मन वाणी में वो शक्ति कहाँ, जो महिमा तुम्हरी गान…
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हे प्रभु आनंद दाता

हे प्रभु आनंद दाताहे प्रभु आनंद दाता, ज्ञान हमको दीजियेशीघ्र सारे दुर्गुणों को दूर हमसे कीजिये
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न मैं धन चाहूँ

न मैं धन चाहूँ, न रतन चाहूँ तेरे चरणों की धूल मिल जाये तो मैं तर जाऊँ, हाँ मैं तर जाऊँ हे राम तर जाऊँ...
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अल्लाह तेरो नाम

अल्लाह तेरो नाम, ईश्वर तेरो नाम अल्लाह तेरो नाम, ईश्वर तेरो नाम सबको सन्मति दे भगवान सबको सन्मति दे भगवान अल्लाह तेरो नाम ...
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इतनी शक्ति हमें देना दाता

इतनी शक्ति हमें देना दातामन का विश्वास कमज़ोर हो नहम चलें नेक रस्ते पे हमसेभूल कर भी कोई भूल हो न..
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हमको मनकी शक्ति देना

हमको मनकी शक्ति देना, मन विजय करें.दूसरों की जय से पहले, खुदकी जय करें.हमको मनकी शक्ति देना..
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ओ पालनहारे निरगुन और न्यारे

ओ पालनहारे निरगुन और न्यारेतुमरे बिन हमरा कौनों नाहीं..हमरी उलझन सुलझाओ भगवनतुम्हई हमका हो संभाले..तुम्हई हमरे रखवालेतुमरे बिन हमरा कौनों नाहीं..
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ओ पालनहारे निरगुन और न्यारे

ओ पालनहारे निरगुन और न्यारेतुमरे बिन हमरा कौनों नाहीं..हमरी उलझन सुलझाओ भगवनतुम्हई हमका हो संभाले..तुम्हई हमरे रखवालेतुमरे बिन हमरा कौनों नाहीं..
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नाम जपन क्यों छोड़ दिया

नाम जपन क्यों छोड़ दियाक्रोध न छोड़ा झूठ न छोड़ासत्य बचन क्यों छोड दियाझूठे जग में दिल ललचा करअसल वतन क्यों छोड दिया
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छोड़ झमेला झूठे जग का

छोड़ झमेला झूठे जग काछोड़ झमेला झूठे जग काकह गये दास कबीर |पार लगायेंगे एक पल मेंतुलसी के रघुवीर ||
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वैष्णव जन तो

वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे पर दुख्खे उपकार करे तोये मन अभिमान ना आणे रे वैष्णव जन तो तेने कहिये…
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नाम जपन क्यों छोड़ दिया

नाम जपन क्यों छोड़ दियाक्रोध न छोड़ा झूठ न छोड़ासत्य बचन क्यों छोड दिया
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ये गर्व भरा मस्तक मेरा

ये गर्व भरा मस्तक मेराप्रभु चरण धूल तक झुकने देअंहकार विकार भरे मन कोनिज नाम की माला जपने दे
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ये गर्व भरा मस्तक मेरा

ये गर्व भरा मस्तक मेराप्रभु चरण धूल तक झुकने देअंहकार विकार भरे मन कोनिज नाम की माला जपने दे
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हमको मनकी शक्ति देना

हमको मनकी शक्ति देना, मन विजय करें.दूसरों की जय से पहले, खुदकी जय करें.हमको मनकी शक्ति देना..
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जानकी नाथ सहाय करें

जानकी नाथ सहाय करें जब कौन बिगाड़ करे नर तेरो ..सुरज मंगल सोम भृगु सुत बुध और गुरु वरदायक तेरो .राहु केतु की नाहिं गम्यता…
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इतनी शक्ति हमें देना दाता

इतनी शक्ति हमें देना दातामन का विश्वास कमज़ोर हो नहम चलें नेक रस्ते पे हमसेभूल कर भी कोई भूल हो न..
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जय जय गिरिबरराज किसोरी

जय जय गिरिबरराज किसोरी ।जय महेस मुख चंद चकोरी ॥जय गज बदन षडानन माता ।जगत जननि दामिनि दुति गाता ॥
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मन की तरंग मार लो बस हो गय भजन

मन की तरंग मार लो बस हो गय भजन ।आदत बुरी सुधार लो बस हो गया भजन ॥
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जानकी नाथ सहाय करें

जानकी नाथ सहाय करें जब कौन बिगाड़ करे नर तेरो ..सुरज मंगल सोम भृगु सुत बुध और गुरु वरदायक तेरो .राहु केतु की नाहिं गम्यता…
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मैली चादर ओढ़ के

मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ . हे पावन परमेश्वर मेरे मन ही मन शरमाऊं ..
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हमको मनकी शक्ति

हमको मनकी शक्ति देना, मन विजय करें . दूसरोंकी जयसे पहले, खुदकी जय करें . हमको मनकी शक्ति देना ..
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नैनहीन को राह दिखा

नैन हीन को राह दिखा प्रभु . पग पग ठोकर खाऊँ मैं .. तुम्हरी नगरिया की कठिन डगरिया . चलत चलत गिर जाऊँ मैन ..
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भगवान मेरी नैया

भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना . अब तक तो निभाया है आगे भी निभा देना ..
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प्रभु हम पे कृपा

प्रभु हम पे कृपा करना प्रभु हम पे दया करना . वैकुण्ठ तो यहीं है इसमें ही रहा करना .. हम मोर बन के मोहन…
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पितु मातु सहायक स्वामी

पितु मातु सहायक स्वामी सखा तुमही एक नाथ हमारे हो . जिनके कछु और आधार नहीं तिन्ह के तुमही रखवारे हो .. सब भांति सदा…
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बीत गये दिन

बीत गये दिन भजन बिना रे . भजन बिना रे, भजन बिना रे ..
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रंगवाले देर क्या है

रंगवाले देर क्या है मेरा चोला रंग दे . और सारे रंग धो कर रंग अपना रंग दे ..
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शरण में आये हैं

शरण में आये हैं हम तुम्हारी दया करो हे दयालु भगवन . सम्हालो बिगड़ी दशा हमारी दया करो हे दयालु भगवन ..
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हे जगत्राता

हे जगत्राता विश्वविधाता हे सुखशांतिनिकेतन हे . प्रेमके सिंधो दीनके बंधो दुःख दरिद्र विनाशन हे .
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दरशन दीजो आय प्यारे

दरशन दीजो आय प्यारे तुम बिनो रह्यो ना जाय .. जल बिनु कमल चंद्र बिनु रजनी वैसे तुम देखे बिनु सजनी . आकुल व्याकुल फिरूं…
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जब से लगन लगी प्रभु तेरी

जब से लगन लगी प्रभु तेरी सब कुछ मैं तो भूल गयी हूँ .. बिसर गयी क्या था मेरा बिसर गयी अब क्या है मेरा…
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ज्योत से ज्योत जगाते

ज्योत से ज्योत जगाते चलो प्रेम की गंगा बहाते चलो राह में आए जो दीन दुखी सबको गले से लगाते चलो .. जिसका न कोई…
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रे मन प्रभु से

रे मन प्रभु से प्रीत करो . प्रभु की प्रेम भक्ति श्रद्धा से अपना आप भरो ..
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उद्धार करो भगवान

उद्धार करो भगवान तुम्हरी शरण पड़े . भव पार करो भगवान तुम्हरी शरण पड़े .. कैसे तेरा नाम धियायें कैसे तुम्हरी लगन लगाये . हृदय…
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ऐ मालिक तेरे बंदे हम

ऐ मालिक तेरे बंदे हम ऐसे हो हमारे करम नेकी पर चलें और बदी से टलें ताकि हंसते हुये निकले दम
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तेरे दर को छोड़ के

तेरे दर को छोड़ के किस दर जाऊं मैं . देख लिया जग सारा मैने तेरे जैसा मीत नहीं . तेरे जैसा प्रबल सहारा तेरे…
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अल्लाह तेरो नाम

अल्लाह तेरो नाम, ईश्वर तेरो नाम अल्लाह तेरो नाम, ईश्वर तेरो नाम सबको सन्मति दे भगवान सबको सन्मति दे भगवान अल्लाह तेरो नाम ...
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तूने रात गँवायी

तूने रात गँवायी सोय के दिवस गँवाया खाय के . हीरा जनम अमोल था कौड़ी बदले जाय .. सुमिरन लगन लगाय के मुख से कछु…
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प्रभु को बिसार

प्रभु को बिसार किसकी आराधना करूं मैं . पा कल्पतरु किसीसे क्या याचना करूं मैं ..
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सुर की गति मैं

सुर की गति मैं क्या जानूँ . एक भजन करना जानूँ .. अर्थ भजन का भी अति गहरा उस को भी मैं क्या जानूँ ..…
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तुम तजि और कौन पै जाऊं

तुम तजि और कौन पै जाऊं . काके द्वार जाइ सिर नाऊं पर हाथ कहां बिकाऊं .. ऐसो को दाता है समरथ जाके दिये अघाऊं…
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हे प्रभु आनंद दाता

हे प्रभु आनंद दाताहे प्रभु आनंद दाता, ज्ञान हमको दीजियेशीघ्र सारे दुर्गुणों को दूर हमसे कीजियेलीजिये हमको शरण में हम सदाचारी बनेंब्रह्मचारी धर्मरक्षक वीर व्रतधारी…
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वैष्णव जन तो

वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे पर दुख्खे उपकार करे तोये मन अभिमान ना आणे रे वैष्णव जन तो तेने कहिये…
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तोरा मन दर्पण कहलाये

तोरा मन दर्पण कहलाये - २ भले बुरे सारे कर्मों को, देखे और दिखाये तोरा मन दर्पण कहलाये - २ मन ही देवता, मन ही…
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न मैं धन चाहूँ

न मैं धन चाहूँ, न रतन चाहूँ तेरे चरणों की धूल मिल जाये तो मैं तर जाऊँ, हाँ मैं तर जाऊँ हे राम तर जाऊँ...
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नम्रता का पाठ

एक बार अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन नगर की स्थिति का जायजा लेने के लिए निकले। रास्ते में एक जगह भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। वह कुछ देर के लिए वहीं रुक गए और वहां चल रहे कार्य को गौर से देखने लगे। कुछ देर में उन्होंने देखा कि कई मजदूर एक बड़ा-सा पत्थर उठा कर इमारत पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। किंतु पत्थर बहुत ही भारी था, इसलिए वह more...

व्यर्थ की लड़ाई

एक आदमी के पास बहुत जायदाद थी| उसके कारण रोज कोई-न-कोई झगड़ा होता रहता था| बेचारा वकीलों और अदालत के चक्कर के मारे परेशान था| उसकी स्त्री अक्सर बीमार रहती थी| वह दवाइयां खा-खाकर जीती थी और डॉक्टरों के मारे उसकी नाक में दम था| एक दिन पति-पत्नी में झगड़ा हो गया| पति ने कहा - "मैं लड़के को वकील बनाऊंगा, जिससे वह मुझे सहारा दे सके|" more...

धर्म और दुकानदारी

एक दिन एक पण्डितजी कथा सुना रहे थे| बड़ी भीड़ इकट्ठी थी| मर्द, औरतें, बच्चे सब ध्यान से पण्डितजी की बातें सुन रहे थे| पण्डितजी ने कहा - "इस दुनिया में जितने प्राणी हैं, सबमें आत्मा है, सारे जीव एक-समान हैं| भीड़ में एक लड़का और उसका बाप बैठा था| पण्डितजी की बात लड़के को बहुत पसंद आई और उसने उसे गांठ बांध ली| अगले दिन लड़का दुकान पर गया| थोड़ी देर में एक more...
 

समझदारी की बात

एक सेठ था| उसने एक नौकर रखा| रख तो लिया, पर उसे उसकी ईमानदारी पर विश्वास नहीं हुआ| उसने उसकी परीक्षा लेनी चाही| अगले दिन सेठ ने कमरे के फर्श पर एक रुपया डाल दिया| सफाई करते समय नौकर ने देखा| उसने रुपया उठाया और उसी समय सेठ के हवाले कर दिया| दूसरे दिन वह देखता है कि फर्श पर पांच रुपए का नोट पड़ा है| उसके मन में थोड़ा शक पैदा हुआ| more...

आध्यात्मिक जगत - World of Spiritual & Divine Thoughts.

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