मंत्र संग्रह (73)

हनुमान दर्शन हेतु मंत्र - Hanuman Darshan Hetu Mantra

श्रीहनुमान् जी विद्या, बुद्धि, ज्ञान तथा पराक्रमीकी मूर्ति हैं| जबतक पृथ्वीपर श्रीरामकथा रहेगी, तबतक श्रीहनुमान् जीको इस धरा-धामपर रहनेका श्रीरामसे वरदान प्राप्त है| आज भी ये समय-समयपर श्रीरामभक्तोंको दर्शन देकर उन्हें कृतार्थ किया करते हैं|

सफ़लता प्राप्ति मन्त्र (Safalta Prapti Mantra)

कृष्ण कृष्ण महायोगिन्भक्तानाम भयंकर गोविन्द परमानन्द सर्व मे वश्यमानय ।।

सिद्धि के लिए श्री गणेश मंत्र (Siddhi Ke Liye Ganesha Mantra)

ॐ ग्लां ग्लीं ग्लूं गं गणपतये नम :प्रकाशय ग्लूं गलीं ग्लां फट् स्वाहा||

श्री राम के जप मन्त्र (Shri Ram ke Jap Mantra)

1. ॐ राम ॐ राम ॐ राम । 2. ह्रीं राम ह्रीं राम ।

भोग लगाने का मन्त्र (Bhog Lgane Ka Mantra)

त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये । गृहाण सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर ।।

श्री काली स्तुति (Sri Kali Mata Mantra)

काली काली महाकाली कालिके परमेश्वरी ।सर्वानन्दकरी देवी नारायणि नमोऽस्तुते ।।

तिलक लगाने का मन्त्र (Tilak Lagane Ka Mantra)

केशवानन्न्त गोविन्द बाराह पुरुषोत्तम ।पुण्यं यशस्यमायुष्यं तिलकं मे प्रसीदतु ।।

श्री चामुण्डा मन्त्र (Shri Chamunda Mantra)

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ।।

आसन व शरीर शुद्धि मन्त्र (Aasan v Sharir Shudhi Mantra)

ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतो5पि वा । यः स्मरेत पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः ।।

भोजन से पूर्व बोलने का मन्त्र (Mantra before having Meal)

ब्रह्मार्पणं ब्रह्महविर्ब्रह्माग्नौ ब्रह्मणा हुतम् । ब्रह्मैव तेन गन्तव्यं ब्रह्मकर्म समाधिना ।।

मुकदमें में विजय का मन्त्र (Mukadme Me Vijay Ka Mantra)

हे चक्रधर !हे चक्रपाणि !!हे चक्रायुधधारी !!!

क्षमा प्रार्थना मन्त्र (Apologies Mantra)

मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं जनार्दन । यत्पूजितं मया देव परिपूर्णं तदस्तु मे ।।

श्री विष्णु मूल मन्त्र (Sri Vishnu Mool Mantra)

ॐ नमोः नारायणाय. ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय ||

शनि मन्त्र (Shani Mantra)

ॐ ऐं हीं श्रीं श्नैश्चराय नमः ||

श्री हनुमान मंत्र (Sri Hanuman Mantra)

मनोजवं मारुततुल्यवेगम् |जितेन्दि्रयं बुद्धिमतां वरिष्थम् |

सन्तान सुख मन्त्र (Santan Sukh Mantra)

हे जगन्नाथ ! हे जगदीश !!हे जगत् पति !! हे जगदाधार !!

बुध मन्त्र (Budh Mantra)

ॐ ऐं स्त्रीं श्रीं बुधाय नमः ||

सूर्य अर्घ्य मन्त्र (Surya Ardhya Mantra)

एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते ।अनुकम्पय मां देवी गृहाणार्घ्यं दिवाकर ।।

राहू मन्त्र (Rahu Mantra)

ॐ ऐं ह्नीं राहवे नमः ||

मंगल मन्त्र (Mangal Mantra)

ॐ हुं श्रीं मंगलाय नमः ||

स्नान मन्त्र (Bathing Snanan Mantra)

गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति । नर्मदे सिन्धु कावेरि जलऽस्मिन्सन्निधिं कुरु ।।

सायं दीप स्तुति मन्त्र (Sanye Deep Stuti Mantra)

सायं ज्योतिः परं ब्रह्म दीपो ज्योतिर्जनार्दनः । दीपो हरतु मे पापं सन्ध्यादीप नमोऽस्तु ते ।।

श्री गणेश मूल मंत्र (Sri Ganesh Mool Mantra)

ॐ गं गणपतये नमः |ॐ श्री विघ्नेश्वराय नमः ||

अन्नपूर्णा मन्त्र (Annapurna Mantra)

अन्नपूर्णे सदा पूर्णे शंकरप्राणवल्लभे । ज्ञानवैराग्यसिद्ध्य भिक्षां देहि च पार्वति ।।

तुलसी तोड़ने का मन्त्र (Basil Tulsi Todne Ka Mantra)

मातस्तुलसि गोविन्द हृदयानन्द कारिणी ।नारायणस्य पूजार्थं चिनोमि त्वां नमो5स्तुते ।।

श्री विष्णु मन्त्र (Sri Vishnu Mantra)

त्वमेव माता च पिता त्वमेव |त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव |त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव |त्वमेव सर्व मम देवदेव ||

भय से मुक्ति मन्त्र (Bhay Se Mukti Mantra)

हृषिकेश गोविन्द हरे मुरारी ! हे ! हृषिकेश गोविन्द हरे मुरारी !!

बृहस्पति मन्त्र (Brhaspati Mantra)

ॐ बृं बृहस्पतये नमः ||

पीपल पूजन मन्त्र (Pipal Poojan Mantra)

अश्वत्थाय वरेण्याय सर्वैश्वर्यदायिने । अनन्तशिवरुपाय वृक्षराजाय ते नमः ।।

सम्पत्ति प्राप्ति मन्त्र (Sampati Prapti Mantra)

आयुर्देहि धनं देहि विद्यां देहि महेश्वरि । समस्तमखिलां देहि देहि मे परमेश्वरि ।।

श्री शीतला स्तुति (Shri Sheetla Stuti)

शीतले त्वं जगन्माता शीतले त्वं जगत् पिता ।शीतले त्वं जगद्धात्री शीतलायै नमो नमः ।।

कुम्भ राशि का मन्त्र (Aquarius Mantra)

ॐ श्रीं उपेन्द्राय अच्युताय नमः ||

केतु मन्त्र (Ketu Mantra)

ॐ ह्रीं केतव नमः ||

शिखा बाँधने का मन्त्र (MANTRA)

चिद्रूपिणि महामाये दिव्यतेजः समन्विते । तिष्ठ देवि शिखामध्ये तेजोवृद्धि कुरुव मे ।।

शुक्र मन्त्र (Shukr Mantra)

ॐ ह्रीं श्रीं शुक्राय नमः ||

श्री नवदुर्गा रक्षामंत्र (Sri Navdurga Raksh Mantra)

ॐ शैलपुत्री मैया रक्षा करो |ॐ जगजननि देवी रक्षा करो |ॐ नव दुर्गा नमः |ॐ जगजननी नमः ||

स्वास्थ्य प्राप्ति मन्त्र (Swasthay Prapti Mantra)

अच्युतानन्द गोविन्द नामोच्चारण भेषजात ।

श्री लक्ष्मी मंत्र (Sri Laxmi Mantra)

विष्णुप्रिये नमस्तुभ्यं जगद्धिते |अर्तिहंत्रि नमस्तुभ्यं समृद्धि कुरु में सदा ||

निर्विघ्न निद्रा मन्त्र (Nirvighan Nindra Mantra)

हे पद्मनाभं सुरेशं । हे पद्मनाभं सुरेशं ।

ग्रह पीड़ा-नक्षत्र दोष दूर करने का मन्त्र (Grha Pida Nakshtra Dosh Dour Karne Ka Mantra)

नारायणं सर्वकालं क्षुत प्रस्खलनादिषु । ग्रह नक्षत्र पीडाषु देव बाधाषु सर्वतः ।।

श्री गंगा जी की स्तुति (Shri Ganga Stuti)

गांगं वारि मनोहारि मुरारिचरणच्युतम् ।त्रिपुरारिशिरश्चारि पापहारि पुनातु माम् ।।

चन्द्र अर्ध्य मन्त्र (Chandra Ardhaya Mantra)

क्षीरोदार्णवसम्भूत अत्रिगोत्रसमुद् भव ।गृहाणार्ध्यं शशांकेदं रोहिण्य सहितो मम ।।

देवी मन्त्र (Devi Mantra)

या देवी सर्वभूतेषु माँ रुपेण संस्थिता |या देवी सर्वभूतेषु शक्ती रुपेण संस्थिता |

नवग्रह मन्त्र (Navgraha Mantra)

ॐ ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी, भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च । गुरुश्च शुक्रः शनिराहु केतवः, सर्वे ग्रहा शान्तिकरा भवन्तु ।।

तुलसी स्तुति मन्त्र (Basil Tulsi Stuti Mantra)

देवी त्वं निर्मिता पूर्वमर्चितासि मुनीश्वरैः ।नमो नमस्ते तुलसी पापं हर हरिप्रिये ।।

माला जपते समय का मन्त्र (Mala Japte Samay ka Mantra)

अनिध्यं कुरु माले त्वं गृह् णामि दक्षिणे करें ।जापकाले च सिद्धयर्थें प्रसीद मम सिद्धये ।।

श्री महामृत्युंजय मंत्र (Sri Maha Mritunjay Mantra)

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम |उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ||

श्री दुर्गा गायत्री मन्त्र (Sri Durga Gayatri Mantra)

ॐ महादेव्यै विह्महे दुर्गायै धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात् ।।

शंख पूजन मन्त्र (Shell Worship Shankh Poojan Mantra)

त्वं पुरा सागरोत्पन्नो विष्णुना विधृतः करें । निर्मितः सर्वदेवैश्च पाञ्चजन्य नमो5स्तुते ।।

श्री सूर्य मंत्र (Sri Surya Mantra)

आ कृष्णेन् रजसा वर्तमानो निवेशयत्र अमतं मर्त्य च |हिरणययेन सविता रथेना देवो याति भुवनानि पश्यन ||
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नम्रता का पाठ

एक बार अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन नगर की स्थिति का जायजा लेने के लिए निकले। रास्ते में एक जगह भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। वह कुछ देर के लिए वहीं रुक गए और वहां चल रहे कार्य को गौर से देखने लगे। कुछ देर में उन्होंने देखा कि कई मजदूर एक बड़ा-सा पत्थर उठा कर इमारत पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। किंतु पत्थर बहुत ही भारी था, इसलिए वह more...

व्यर्थ की लड़ाई

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धर्म और दुकानदारी

एक दिन एक पण्डितजी कथा सुना रहे थे| बड़ी भीड़ इकट्ठी थी| मर्द, औरतें, बच्चे सब ध्यान से पण्डितजी की बातें सुन रहे थे| पण्डितजी ने कहा - "इस दुनिया में जितने प्राणी हैं, सबमें आत्मा है, सारे जीव एक-समान हैं| भीड़ में एक लड़का और उसका बाप बैठा था| पण्डितजी की बात लड़के को बहुत पसंद आई और उसने उसे गांठ बांध ली| अगले दिन लड़का दुकान पर गया| थोड़ी देर में एक more...
 

समझदारी की बात

एक सेठ था| उसने एक नौकर रखा| रख तो लिया, पर उसे उसकी ईमानदारी पर विश्वास नहीं हुआ| उसने उसकी परीक्षा लेनी चाही| अगले दिन सेठ ने कमरे के फर्श पर एक रुपया डाल दिया| सफाई करते समय नौकर ने देखा| उसने रुपया उठाया और उसी समय सेठ के हवाले कर दिया| दूसरे दिन वह देखता है कि फर्श पर पांच रुपए का नोट पड़ा है| उसके मन में थोड़ा शक पैदा हुआ| more...

आध्यात्मिक जगत - World of Spiritual & Divine Thoughts.

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