हिन्दू व्रत, विधि व कथा (29)

रविवार (इतवार) व्रत (Ravivar Vrat)

सर्व मनोकामनाओ की पूर्ति हेतु रविवार का वर्त श्रेस्ठ है|

दुर्गा अष्टमी व्रत कथा और पूजन विधि

चैत्र नवरात्री मे अष्टमी का सर्वाधिक महत्व है| इसी दिन काली, महाकाली, भद्रकाली, दक्षिणकाली तथा बिजासन माता का पूजन किया जाता है| वास्तव मे इन्हे कुल की देवी माना जाता है|

महालक्ष्मी व्रत (Mahalakshmi Vrat)

यह व्रत राधा अष्टमी (भाद्रपद शुक्ल अष्टमी) से प्रारम्भ होकर आशिवन मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तक चलता है| इस दिन लक्ष्मी जी की पूजन का विधान है|

नवरात्रि व्रत, पूजन और इसका महत्व

नवरात्रि एक ख़ास हिन्दू पर्व है जिसे न केवल भारत वर्ष अपितु अन्य देशों मे भी बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है| नवरात्रि का शाब्दिक अर्थ है नौ रातें|

अहोई आठें अष्टमी व्रत (Ahoi Aathe Ashtam Virat)

यह व्रत कार्तिक लगते ही अष्टमी को किया जाता है| जिस वार की दीपावली होती है अहोई आठें भी उसी वार की पड़ती है| इस व्रत को वे स्त्रियाँ ही करती हैं जिनके सन्तान होती हैं|

जीवित पुत्रिका व्रत (Jivit Putrika Vra)

आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को जीवित पुत्रिका के रूप में मनाते हैं| इस व्रत को करने से पुत्र शोक नहीं होता| इस व्रत का स्त्री समाज में बहुत ही महत्व है| इस व्रत में सूर्य नारायण की पूजा की जाती है|

शिवजी का व्रत (Shivji Ka Vrat)

श्रावण मास के समस्त सोमवारों को यह व्रत रखा जाता है| इस व्रत में शिव जी, पार्वती जी, गणेश जी तथा नन्दी की पूजा की जाती है|

करवा चौथ का व्रत (Krava Chauth Ka Vrat)

कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ का व्रत किया जाता है|यह स्त्रियों का मुख्य त्यौहार है| सुहागिन स्त्रियाँ अपने पति की दीर्घायु के लिए यह व्रत करती हैं|

नवरात्रि विशेष- नवमी पर होता है सिद्धिदात्री पूजन

जेसे की पहले भी लिखा गया की नवरात्रि पर्व माँ दुर्गा और शारदा माँ, महालक्ष्मी माता जी की श्रदा मे बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है|

ब्रहस्पतिवार (वीरवार) व्रत (Virwar Vrat)

इस दिन ब्रह्स्पतेश्वर महादेव जी की पूजा होती है|

सोमवार व्रत (Somwar Vrat)

सोमवार का व्रत साधारणतय दिन के तीसरे पहर तक होता है|

मंगल गौरी का पूजन और व्रत (Mangal Gori Ka Poojan Aur Vrat)

श्रावण मास में जितने भी मंगलवार आएँ, उनमें रखे गये व्रत गौरी व्रत कहलाते हैं| यह व्रत मंगलवार को रखे जाने के करण मंगला गौरी व्रत कहलाते हैं|

प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat)

प्रदोष का अर्थ है रात्रि का शुभ आरम्भ|इस व्रत के पूजन का विधान इसी समय होता है| इसलिए इसे प्रदोष व्रत कहते हैं| यह व्रत शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को किया जाता हैं| इसका उदेशय संतान की कामना है|इस व्रत को स्त्री पुरुष दोनों ही कर सकते…

मंगलवार व्रत (Mangalwar Vrat)

सर्व सुख, रक्त विकार, राज्य सम्मान तथा पुत्र की प्राप्ति के लिए मंगलवार का वर्त उतम है|

राधाष्टमी व्रत (Radhashtmi Vrat)

भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष को अष्टमी को कृष्ण प्रिया राधा जी का जन्म हुआ था| इसलिए यह दिन राधाष्टमी के रूप में मनाया जाता है|

शनिवार व्रत (Shanivar Vrat)

इस दिन शनि की पूजा होती है|

शुक्रवार व्रत (Shukrvar Vrat)

इस व्रत को करने वाला कथा कहते व सुनते समय हाथ मे गुड व भुने चने रखें|

बुधवार व्रत (Budhwar Vrat)

ग्रह शांति तथा सर्व-सुखो की इच्छा रखने वालो को बुधवार का व्रत करना चाहिए|

आशा भगोती व्रत (Asha Bhagoti Vrat)

यह व्रत आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी से प्रारम्भ होकर आठ दिन तक चलता है|

वट सावित्री व्रत (Vat Savitri Vrat)

वट सावित्री व्रत ज्येष्ट मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को सम्पन्न किया जाता है| यह स्त्रियों का महत्वपूर्ण पर्व है| इस दिन सत्यवान, सावित्री तथा यमराज की पूजा की जाती है| सावित्री ने इसी व्रत के प्रभाव से अपने मृतक पति सत्यवान को धर्मराज से छुड़ाया था|

उमा महेश्वर व्रत (Uma Vaheshwar Vrat)

यह व्रत भाद्रपद पूर्णिमा को किया जाता है|

सूर्य षष्ठी व्रत (Surya Pashthi Vrat)

कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी को सूर्य षष्ठी का व्रत करने का विधान है|

ब्रह्मगौरी पूनम व्रत (Brhamgori Poonam Vrat)

यह व्रत पोश माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया को किया जाता है|

गणगौर व्रत (Ganghor Vrat)

यह चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है| इस दिन सौभाग्यवती स्त्रियाँ व्रत रखती हैं| कहावत है कि इस दिन पार्वती जी ने भगवान शंकर से सोभाग्यवती रहने का वरदान प्राप्त किया था, तथा पार्वती जी ने अन्य स्त्रियों को सौभाग्यवती रहने का वरदान दिया था|

गाज का व्रत (Gaaj Ka Vrat)

यह व्रत भाद्रपद माह में किया जाता है| यदि किसी के पुत्र पैदा हुआ हो या पुत्र का विवाह हुआ हो तो उसी वर्ष भाद्रपद माह में किसी शुभ दिन को देखकर गाज का व्रत कर उजमन करना चाहिए|

अशोक व्रत (Ashok Vrat)

यह व्रत आश्विन मास के शुक्ल प्रतिपदा को किया जाता है| इस व्रत में अशोक वृक्ष की पूजा की जाती है|

कोलिका व्रत (Kolika Vrat)

यह व्रत आषाढ़ मास की पूर्णिमा को रखा जाता है|

अहोई का अहोकाष्टमी का व्रत (Ahoi Ka Ahokashtmi Ka Vrat)

यह व्रत प्रायः कार्तिक बदी अष्टमी को उसी वार को किया जाता है| जिस वार की दीपावली होती है| इस दिन स्त्रियों की आरोग्यता और दीर्घायु प्राप्ति के लिए अहोई माता का चित्र दिवार पर माँड कर पूजन किया जाता है|

गौ गिरिराज व्रत (Gau Giriraj Vrat)

यह व्रत भाद्रपद शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को किया जाता है|इस दिन गौ की पूजा करने का विधान है| साथ में भगवान लक्ष्मीनारायण जी की भी पूजा करनी चाहिए|
 

नम्रता का पाठ

एक बार अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन नगर की स्थिति का जायजा लेने के लिए निकले। रास्ते में एक जगह भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। वह कुछ देर के लिए वहीं रुक गए और वहां चल रहे कार्य को गौर से देखने लगे। कुछ देर में उन्होंने देखा कि कई मजदूर एक बड़ा-सा पत्थर उठा कर इमारत पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। किंतु पत्थर बहुत ही भारी था, इसलिए वह more...

व्यर्थ की लड़ाई

एक आदमी के पास बहुत जायदाद थी| उसके कारण रोज कोई-न-कोई झगड़ा होता रहता था| बेचारा वकीलों और अदालत के चक्कर के मारे परेशान था| उसकी स्त्री अक्सर बीमार रहती थी| वह दवाइयां खा-खाकर जीती थी और डॉक्टरों के मारे उसकी नाक में दम था| एक दिन पति-पत्नी में झगड़ा हो गया| पति ने कहा - "मैं लड़के को वकील बनाऊंगा, जिससे वह मुझे सहारा दे सके|" more...

धर्म और दुकानदारी

एक दिन एक पण्डितजी कथा सुना रहे थे| बड़ी भीड़ इकट्ठी थी| मर्द, औरतें, बच्चे सब ध्यान से पण्डितजी की बातें सुन रहे थे| पण्डितजी ने कहा - "इस दुनिया में जितने प्राणी हैं, सबमें आत्मा है, सारे जीव एक-समान हैं| भीड़ में एक लड़का और उसका बाप बैठा था| पण्डितजी की बात लड़के को बहुत पसंद आई और उसने उसे गांठ बांध ली| अगले दिन लड़का दुकान पर गया| थोड़ी देर में एक more...
 

समझदारी की बात

एक सेठ था| उसने एक नौकर रखा| रख तो लिया, पर उसे उसकी ईमानदारी पर विश्वास नहीं हुआ| उसने उसकी परीक्षा लेनी चाही| अगले दिन सेठ ने कमरे के फर्श पर एक रुपया डाल दिया| सफाई करते समय नौकर ने देखा| उसने रुपया उठाया और उसी समय सेठ के हवाले कर दिया| दूसरे दिन वह देखता है कि फर्श पर पांच रुपए का नोट पड़ा है| उसके मन में थोड़ा शक पैदा हुआ| more...

आध्यात्मिक जगत - World of Spiritual & Divine Thoughts.

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