चालीसा संग्रह (17)

श्री साईं चालीसा - Shri Sai Chalisa

शिरडी वाले साईं बाबा को हिन्दू और मुस्लिम दोनों संप्रदाय के लोग पूजते हैं। साईं बाबा ने जीवन भर मानव कल्याण के कार्य किए। भारत…
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श्री शिव चालीसा - Shri Shiv Chalisa

सावन मास में शिव चालीसा पढ़ने का अलग ही महत्व है। शिव चालीसा के माध्यम से आप अपने सारे दुखों को भूला कर भगवान शिव…
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श्री सरस्वती चालीसा - Shri Saraswati Chalisa

हिंदू धर्म में माता सरस्वती को ज्ञान की देवी कहा गया है। सरस्वती जी को वाग्देवी के नाम से भी जाना जाता है। सरस्वती जी…
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श्री गणेश चालीसा - Shri Ganesh Chalisa

गणेश चालीसा सर्वप्रथम पूजनीय भगवान श्रीगणेश की कृपा पाने का एक माध्यम या एक ऐसा मार्ग है, जो किसी भी कार्य को पूर्ण करने में…
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श्री भैरव चालीसा - Shri Bharov Chalisa

बाबा भैरवनाथ को माँ वैष्णो का वरदान प्राप्त है, बिना बाबा भैरवनाथ के दर्शन के माता वैष्णो के दर्शन अधूरे माने जाते हैं। आइये जानते…
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श्री दुर्गा चालीसा - Shri Durga Chalisa

दुर्गा चालीसा एक पवित्र पाठ है क्‍योंकि यदि कोई व्‍यक्ति दुर्गा-सप्‍तशती का पाठ करने में असमर्थ है, तो वह नवरात्रि के दौरान माँ दुर्गा के…
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श्री हनुमान चालीसा - Shri Hanuman Chalisa

हनुमान चालीसा तुलसीदास की एक काव्यात्मक कृति है बहुत कम लोग जानते हैं कि हिन्दू धर्म में हनुमान जी की आराधना हेतु 'हनुमान चालीसा' का…
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श्री लक्ष्मी चालीसा - Shri Laxmi Chalisa

देवी लक्ष्मी जी को धन, समृद्धि और वैभव की देवी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि लक्ष्मी जी की नित्य पूजा करने से मनुष्य…
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श्री शनि चालीसा - Shri Shani Chalisa

शनि चालीसा का पाठ सबसे सरल है। शनि चालीसा भी हनुमान चालीसा जैसे ही अति प्रभावशाली है। शनि देव की पूजा अर्चना करने से जातक…
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श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा - Shri Vindhyesvari Chalisa

माता विन्ध्येश्वरी रूप भी माता का एक भक्त वत्सल रूप है और कहा जाता है कि यदि कोई भी भक्त थोड़ी सी भी श्रद्धा से…
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श्री शीतला चालीसा - Shri Shitla Chalisa

शीतला माता एक प्रसिद्ध हिन्दू देवी हैं। इनका प्राचीनकाल से ही बहुत अधिक माहात्म्य रहा है। ये हाथों में कलश, सूप, मार्जन (झाडू) तथा नीम…
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श्री राम चालीसा - Shri Ram Chalisa

श्री राम चालीसा, भगवान श्रीराम के गुणों एवं कार्यों का चालीस चौपाइयों में वर्णन है। भगवान श्री राम को विष्णु जी का सातवां अवतार माना…
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श्री वीरभद्र चालीसा - Shri Veerbhadr Chalisa

वीरभद्र चालीसा’कृष्णशंकर सोनाने व्दारा रचित है। चालीसा में संकट मोचन वीरभद्र चतुष्पद,वीरभद्र बाण शामिल किया गया है।
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श्री गायत्री चालीसा - Shri Gaytri Chalisa

भगवती गायत्री आद्यशक्ति प्रकृति के पाँच स्वरूपों में एक हैं| भगवान व्यास कहते हैं कि गायत्री मन्त्र समस्त वेदों का सार है| गायत्री चालीसा के…
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श्री चित्रगुप्त चालीसा - Shri Chitrgupt Chalisa

एक दिव्य देव शक्ति जो चिन्तान्त: करण में चित्रित चित्रों को पढ़ती है, उसी के अनुसार उस व्यक्ति के जीवन को नियमित करती है, अच्छे-बुरे…
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श्री कृष्ण चालीसा - Shri Krishan Chalisa

भगवान श्रीकृष्ण हिन्दू धर्म में विष्णु के आठवें अवतार हैं। मान्यता है कि भक्ति-भाव से भगवान कृष्ण की पूजा करने से सफलता, सुख और शांति…
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श्री गंगा चालीसा - Shri Ganga Chalisa

हिन्दू मान्यताओं के अनुसार, गंगा सबसे पवित्रतम नदी है। शास्त्रों में इसे पतितपावनी अर्थात लोगों के पाप को धोने वाली नदी कहकर प्रशंसा की गई…
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नम्रता का पाठ

एक बार अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन नगर की स्थिति का जायजा लेने के लिए निकले। रास्ते में एक जगह भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। वह कुछ देर के लिए वहीं रुक गए और वहां चल रहे कार्य को गौर से देखने लगे। कुछ देर में उन्होंने देखा कि कई मजदूर एक बड़ा-सा पत्थर उठा कर इमारत पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। किंतु पत्थर बहुत ही भारी था, इसलिए वह more...

व्यर्थ की लड़ाई

एक आदमी के पास बहुत जायदाद थी| उसके कारण रोज कोई-न-कोई झगड़ा होता रहता था| बेचारा वकीलों और अदालत के चक्कर के मारे परेशान था| उसकी स्त्री अक्सर बीमार रहती थी| वह दवाइयां खा-खाकर जीती थी और डॉक्टरों के मारे उसकी नाक में दम था| एक दिन पति-पत्नी में झगड़ा हो गया| पति ने कहा - "मैं लड़के को वकील बनाऊंगा, जिससे वह मुझे सहारा दे सके|" more...

धर्म और दुकानदारी

एक दिन एक पण्डितजी कथा सुना रहे थे| बड़ी भीड़ इकट्ठी थी| मर्द, औरतें, बच्चे सब ध्यान से पण्डितजी की बातें सुन रहे थे| पण्डितजी ने कहा - "इस दुनिया में जितने प्राणी हैं, सबमें आत्मा है, सारे जीव एक-समान हैं| भीड़ में एक लड़का और उसका बाप बैठा था| पण्डितजी की बात लड़के को बहुत पसंद आई और उसने उसे गांठ बांध ली| अगले दिन लड़का दुकान पर गया| थोड़ी देर में एक more...
 

समझदारी की बात

एक सेठ था| उसने एक नौकर रखा| रख तो लिया, पर उसे उसकी ईमानदारी पर विश्वास नहीं हुआ| उसने उसकी परीक्षा लेनी चाही| अगले दिन सेठ ने कमरे के फर्श पर एक रुपया डाल दिया| सफाई करते समय नौकर ने देखा| उसने रुपया उठाया और उसी समय सेठ के हवाले कर दिया| दूसरे दिन वह देखता है कि फर्श पर पांच रुपए का नोट पड़ा है| उसके मन में थोड़ा शक पैदा हुआ| more...

आध्यात्मिक जगत - World of Spiritual & Divine Thoughts.

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