श्री साईं बाबा जी की आरती (Shri Sai Baba Ji Ki Aarti)

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शिर्डी के साईं बाबा न हिन्दू हैं, न मुसलमान, वे अपने भगतों के दुःख दर्द दूर करने मे पूर्ण रुपेन सक्षम माने जाते हैं| अपने जीवन काल मे इन्होंने बहुत से चमत्कार दिखाए| साईं जी के ११ वचनों के अनुसार आज भी वे अपने भक्तों की सेवा के लिए तुरंत ही उपलब्ध हो जाते हैं| साईं बाबा जी के चमत्कार विचित्र माने जाते हैं| भक्तजन बाबा की आरती द्वारा उन्हें स्मरण करते हैं।

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श्री साईं बाबा जी की आरती इस प्रकार है: 

आरती श्री साईं गुरुवर की |
परमानन्द सदा सुरवर की ||

जा की कृपा विपुल सुखकारी | 
दुःख, शोक, संकट, भयहारी ||

शिरडी में अवतार रचाया | 
चमत्कार से तत्व दिखाया ||

कितने भक्त चरण पर आये | 
वे सुख शान्ति चिरंतन पाये ||

भाव धरै जो मन में जैसा | 
पावत अनुभव वो ही वैसा ||

गुरु की उदी लगावे तन को | 
समाधान लाभत उस मन को ||

साईं नाम सदा जो गावे | 
सो फल जग में शाश्वत पावे ||

गुरुवासर करि पूजा - सेवा | 
उस पर कृपा करत गुरुदेवा ||

राम, कृष्ण, हनुमान रूप में | 
दे दर्शन, जानत जो मन में ||

विविध धर्म के सेवक आते | 
दर्शन कर इच्छित फल पाते ||

जै बोलो साईं बाबा की | 
जो बोलो अवधूत गुरु की ||

'साईंदास' आरती को गावे | 
घर में बसि सुख, मंगल पावे || 

श्री साईं बाबा जी श्री साईं चालीसा श्री साईं व्रत के नियम, उद्यापन विधि व कथा श्री साईं बाबा जी के ग्यारह वचन

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