आरती संग्रह (64)

श्री गणेश जी की आरती (Shri Ganesh Ji Ki Aarti)

गणेश जी को पार्वती जी का दुलारा कहा जाता है, गणेश जी को गजानंद के नाम से भी जाना जाता है यही कारण है कि समस्त भक्तजन इनकी दुःख हरता के नाम से आरती करते हैं| ऐसा माना जाता है कि गणेश जी की आरती गाने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण…

श्री दुर्गा जी की आरती - Shri Durga Ji Ki Aarti

दुर्गा माता जी को आदि शक्ति के नाम से भी जाना जाता है| हिंदू धर्म में माता दुर्गा जी को सर्वोपरि माना गया है| ऐसा माना जाता है कि दुर्गा जी भौतिक संसार में सभी सुखों की दात्री हैं| उनकी भक्ति करने तथा आरती गाने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती…

श्री लक्ष्मी जी की आरती (Shri Laxmi Ji Ki Aarti)

आज के वर्तमान युग में धन और वैभव के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा माना जाता है| यही कारण है कि कलयुग में माता लक्ष्मी जी को सबसे ज्यादा पूजा जाता है| इसी कारण इन्हें धन और समृद्धि की साक्षात् देवी माना जाता है| देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के…

ब्रहस्पतिवार व्रत की आरती (Bhraspativar Vart Ki Aarti)

गुरूवार या वीरवार को भगवान बृहस्पति की पूजा का विधान है. बृहस्पति देवता को बुद्धि और शिक्षा का देवता माना जाता है. गुरूवार को बृहस्पति देव की पूजा करने से धन, विद्या, पुत्र तथा मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. परिवार में सुख तथा शांति रहती है. गुरूवार का व्रत…

श्री खाटू श्याम जी की आरती (Shri Khatu Shyam Ji Ki Aarti)

खाटू श्याम जी को शीश का दानी के नाम से भी जाना जाता है| इनके इस महान बलिदान को देखकर भगवन श्री कृष्ण ने वीर बर्बरीक को यह वरदान दिया कि यह संसार कलयुग में तुम्हारे मेरे नाम से श्याम, से घर घर में पूजेगा और तुम सब की कामना…

सोमवार व्रत की आरती (Somvar Vart Ki Aarti)

सत्यम शिवम और सुन्दरम जो सत्य है वह ब्रह्म है जो शिव है वह परम शुभ और पवित्र आतम तत्व है| शिव से ही धर्म अर्थ काम और मोक्ष है| सभी जगत शिव की ही शरण में हैं, जो शिव के प्रति शरणागत नहीं है वह प्राणी दुःख के गहरे…

मंगलवार व्रत की आरती (Mangalvar Vart Ki Aarti)

हनुमान जी एक ऐसे देवता हैं| थोड़ी सी प्रार्थना और पूजा से शीर्घ प्रसन्न हो जाते हैं| शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जो इन्हें ना जानता हो हनुमान जी भगवान राम के अनन्य भक्त थे| शनिवार और मंगलवार का दिन इनके पूजन के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है| अगर…

श्री सरस्वती जी की आरती (Shri Saraswati Ji Ki Aarti)

माता सरस्वती जी को ज्ञान और बुद्धि की माता माना जाता है| मनुष्य को कोई भी ज्ञान इनकी पूजा के बिना संभव नहीं है| देवी सरस्वती वेदों की जननी है| कोई भी बिना ज्ञान के मुक्ति नहीं पा सकता। लोग पूजा के बाद देवी सरस्वती जी की आरती सम्पूर्ण ज्ञान…

शनिवार व्रत की आरती (Shanivar Vart Ki Aarti)

शनि व्रत रखने का बहुत महत्व माना गया है| कुंडली में शनि की महादशा अथवा साढ़े साती या ढैय्या में शनि जी के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए शनि व्रत का महत्व माना गया है| शनि जी के इस मंत्र - 'ऊँ शं शनिश्चराय नम:" को कम से कम…

श्री रविदास जी की आरती (Shri Ravidas Ji Ki Aarti)

संत रविदास का नाम शिरोमणि भगतों मे अंकित है| बचपन से ही समाज की बुराइयों को दूर करने के लिए यह सदा तत्पर रहे| इनके जीवन की छोटी छोटी घटनाओ से इनके जीवन का पता चलता है| समाज मे फैली छुआ-छूत, ऊँच-नीच दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई| बचपन से…

आरती क्या है और कैसे करनी चाहिए?

पूजा के अन्त में आरती की जाती है| पूजन में जो त्रुटि रह जाती है, आरती से उसकी पूर्ति होती है| पूजन मन्त्रहीन और क्रियाहीन होने पर भी आरती कर लेने से उसमें सारी पूर्णता आ जाती है| आरती करने का ही नहीं, आरती देखने का भी बड़ा पुण्य होता…

श्री गणपति जी की आरती (Shri Ganpati Ji Ki Aarti)

पूजन मन्त्रहीन और क्रियाहीन होने पर भी नीराजन (आरती) कर लेने से उसमें सारी पूर्णता आ जाती है। आरती में पहले मूलमन्त्र जिस देवता का जिस मन्त्र से पूजन किया गया हो, उस मन्त्र के द्वारा तीन बार पुष्पांजलि देनी चाहिये और ढोल, नगारे, शंख, घड़ियाल आदि महावाद्यों की ध्वनि…

श्री कबीर जी की आरती (Shri kabir Ji Ki Aarti)

कबीर हिंदी साहित्य के महिमामण्डित व्यक्तित्व हैं। कबीर के जन्म के संबंध में अनेक किंवदन्तियाँ हैं। कबीर को शांतिमय जीवन प्रिय था और वे अहिंसा, सत्य, सदाचार आदि गुणों के प्रशंसक थे। अपनी सरलता, साधु स्वभाव तथा संत प्रवृत्ति के कारण आज विदेशों में भी उनका समादर हो रहा है।…

बुधवार व्रत की आरती (Budvar Vart Ki Aarti)

बुध ग्रह सूर्य के सबसे करीब ग्रह है| बुध देवता जी की आरती एंवं स्तुति का अपना ही एक महत्व है| ऐसा माना जाता है की बुध देवता अपने भगतों पर ज्ञान और धन की वर्षा करते हैं| बुधवार के दिन की गई एक प्रार्थना सभी बाधाओं से निजात दिलवाती…

श्रीमद् भागवत पुराण की आरती (Shrimat Bhagwat Pura Ki Aarti)

हिन्दुओं के शास्त्रों में पवित्र वेद व गीता विशेष हैं, उनके साथ-2 अठारह पुराणों को भी समान दृष्टी से देखा जाता है। श्रीमद् भागवत सुधासागर, रामायण, महाभारत भी विशेष प्रमाणित शास्त्रों में से हैं। विशेष विचारणीय विषय यह है कि जिन पवित्र शास्त्रों को हिन्दुओं के शास्त्र कहा जाता है,…

श्री गांघी जी का भजन (Shri Gandhi Ji ka Bhajan)

आप उन्हें बापू कहो या महात्मा दुनिया उन्हें इसी नाम से जानती हैं, अहिंसा और सत्याग्रह के संघर्ष से उन्होंने भारत को अंग्रेजो के स्वतंत्रता दिलाई, उनका ये काम पूरी दुनिया के लिए मिसाल बन गया, वो हमेशा कहते थे बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो, बुरा मत कहो, और…

श्री सालासर बालाजी की आरती - हनुमान (Shri Salasar Balaji Ki Aarti - Hanuman)

सालासर बालाजी या सालासर धाम भगवान् हनुमान जी के भक्तो के लिए धार्मिक महत्व की एक जगह है| यह चुरू जिले मे राजस्थान सालासर के शहर मे स्थित है| सालासर बाला जी का मंदिर विश्वास और चमत्कारों का एक शक्ति स्थल है| बालाजी की मूर्ति यहाँ भगवान् हनुमान के अन्य…

श्री तुलसी जी की आरती (Shri Tulsi Ji Ki Aarti)

तुलसी को तुलसी माता के नाम से जाना जाता है| ऐसा माना जाता है की घर मे तुलसी का पोधा लगाने से पर्यावरण शुद्ध होता है अथवा सभी रोगों से रक्षा होती है| भगवान् विष्णु जी को तुलसी अति प्रिये थी| तुलसी माता की पूजा से सुख सम्पति का वास…

श्री प्रेतराज सरकार जी की आरती (Shri Pretraj Sarkar Ji Ki Aarti)

प्रेतराज सरकार को दुष्ट आत्माओं को दंड देने वाले देवता के रूप मे पूजा जाता है| अत्यंत भक्ति भाव से उनकी आरती , कीर्तन एवं भजन किये जाते हैं| प्रेतराज सरकार की बाला बाला जी के सहायक देवता के रूप मे आराधना की जाती है| खासतोर पर चावलों का भोग…

श्री गीता जी की आरती (Shri Gita Ji Ki Aarti)

आरती का अर्थ है पूरी श्रद्धा के साथ परमात्मा की भक्ति में डूब जाना। भगवान को प्रसन्न करना। इसमें परमात्मा में लीन होकर भक्त अपने देव की सारी बलाए स्वयं पर ले लेता है और भगवान को स्वतन्त्र होने का अहसास कराता है।आरती को नीराजन भी कहा जाता है। नीराजन…

श्री लक्ष्मी रमणा जी की आरती (Shri Laxmi Ramana Ji Ki Aarti)

आत्म शुधि और आत्म समर्पण के लिए सत्यनारायण कथा सबसे आसान तरीका है| भगवान् सत्येनारायण जी सभी मनोकामना पूर्ण कर दुखों का नाश करते हैं| सत्यनारायण कथा हर प्रकार से हमे पवित्र कर वासना,क्रोध, लोभ, मोह,और अहंकार से हमे बचाती है|

श्री यमुना जी की आरती (Shri Yamuna Ji Ki Aarti)

श्री भागवत पूरण के दशम स्कंद के उत्तरार्ध के ५८ मे अध्याय के १७ से २३ श्लोक तक यमुना जी ने जहा श्री कृष्ण प्राप्ति को तप किया वह जगह यमुना किनारे पर स्धित है जो कभी भी प्रकाशित और प्रचारित नही हुई वो जहाँ श्री यमुना जी ने तप…

श्री बद्रीनाथ जी की आरती (Shri Badrinath Ji Ki Aarti)

जब भगवान विष्णु योगध्यान मुद्रा में तपस्या में लीन थे तो बहुत अधिक हिमपात होने लगा। भगवान विष्णु हिम में पूरी तरह डूब चुके थे। उनकी इस दशा को देख कर माता लक्ष्मी का हृदय द्रवित हो उठा और उन्होंने स्वयं भगवान विष्णु के समीप खड़े हो कर एक बेर…

श्री काली जी की आरती (Shri Kali Ji Ki Aarti)

काली जी का जन्म राक्षसों के विनाश के लिए हुआ था| कलि माता जी को माता जगदम्बे, अदि शक्ति का रूप माना जाता है और इनकी आराधना से सभी दुःख दूर हो जाते है| काली माता जी को बल और शक्ति की देवी माना जाता है|

जय संतोषी मां की आरती - फिल्मी (Jai Santoshi Maa Ki Aarti - Filmy)

संतोषी माता को हिन्दू धरम मे संतोष, सुख, शांति और वैभव की माता के रूप मे पूजा जाता है| ऐसा माना जाता है की माता संतोषी भगवान् श्री गणेश की पुत्री हैं| संतोषी नाम संतोष से बना है| संतोष का हमारे जीवन मे बहुत महत्व है| अगर जीवन मे संतोष…

श्री शंकर जी की आरती (Shri Shanker Ji Ki Aarti)

शिव को देवों के देव कहते हैं, इन्हें महादेव, भोलेनाथ, शंकर, महेश, रुद्र, नीलकंठ के नाम से भी जाना जाता है। तंत्र साधना में इन्हे भैरव के नाम से भी जाना जाता है | हिन्दू धर्म के प्रमुख देवताओं में से हैं। वेद में इनका नाम रुद्र है। यह व्यक्ति…

श्री बालकृष्ण जी की आरती (Shri Balkishan Ji Ki Aarti)

आरती का अर्थ है पूरी श्रद्धा के साथ परमात्मा की भक्ति में डूब जाना। भगवान को प्रसन्न करना। इसमें परमात्मा में लीन होकर भक्त अपने देव की सारी बलाए स्वयं पर ले लेता है और भगवान को स्वतन्त्र होने का अहसास कराता है। आरती को नीराजन भी कहा जाता है।…

श्री रामायण जी की आरती (Shri Ramayan Ji Ki Aarti)

भगवान राम हिंदू धर्म में सबसे लोकप्रिय देवताओं में से है | भगवान राम ने अयोध्या के राजा दशरथ और महारानी कौशल्या के ज्येष्ठ पुत्र के रूप में अयोध्या शहर में जन्म लिया | भगवान राम को आदर्श महिला और सीता माता के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है…

श्री सत्यनारायण जी की आरती (Shri Satyanarayan Ji Ki Aarti)

हिन्दू धर्म में श्री सत्यनारायण जी को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। मान्यता है कि भक्तिपूर्वक सत्यनारायण जी की कथा और आरती करने वाले जातक के सभी कार्य सिद्ध होते हैं।

श्री गौरी अम्बे जी की आरती (Shri Gori Ambey Ji Ki Aarti)

हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी दुर्गा जी को सबसे शक्तिशाली देवी माना गया है| देवी दुर्गा , परमेश्वर ब्रह्मा (निर्माता) , विष्णु ( रक्षक ), और शिव ( विनाशक ) के संयुक्त ऊर्जा से उभरी है, राक्षस महिषासुर से युद्ध करने के लिए , कथा के अनुसार राक्षस महिषासुर…

श्री सूर्यनारायण जी की आरती (Shri Suryanarayan Ji Ki Aarti)

शनि देव के पिता, सुर्येदेव अत्यन्त तीव्र प्रकाश और आभा के सवरूप माने जाते हैं, इसके अलावा भगवान् सुर्येदेव ही एकमात्र ऐसे देव हैं, जो की साक्षात दिखाई पढ़ते हैं| प्रतिदिन उठ कर इनकी आराधना सबसे पहले की जाती है, अथवा इन्हे जल चढ़ाना बहुत शुभ कारी मना गया है|…

श्री वैष्णों देवी की गुफा में होने वाली आरती (Shri Vashno Devi Ki Gufa Main Hone Wali Aarti)

हे मात मेरी, हे मात मेर,कैसी यह देर लगाई है दुर्गे | हे ....

संकटमोचन हनुमानाष्ट्क जी की आरती (Sankatmochan Hanumanashtak Ji Ki Aarti)

जब मनुष्य चौतरफा संकटों से घिर जाता है, उनसे निकलने का रास्ता तलाशने में वह विफल हो जाता है तब हनुमान जी की उपासना से बहुत लाभ मिलता है। विशेष रूप से उस समय संकट मोचक हनुमान अष्टक का पाठ बहुत उपयोगी व सहायक सिद्ध होता है।

श्री जगदम्बा जी की आरती (Shri Jagdambe Ji Ki Aarti)

हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार, श्री जगदम्बा जी को सबसे शक्तिशाली देवी माना गया है| श्री जगदम्बा जी, परमेश्वर ब्रह्मा (निर्माता) , विष्णु ( रक्षक ), और शिव ( विनाशक ) के संयुक्त ऊर्जा से उभरी है, राक्षस महिषासुर से युद्ध करने के लिए , कथा के अनुसार राक्षस महिषासुर…

श्री शीतला माता जी की आरती (Shri Sheetla Mata Ji Ki Aarti)

शीतला माता जी के व्रत का महा महत्व मन गया है| धार्मिक मान्येताओं के अनुसार जजों इनकी पूजा व् आरती करता है वह दैहिक और दैविक ताप से मुक्त हो जाता है| इसी व्रत से पुत्र प्राप्ति भी होती है तथा सोभाग्य प्राप्त होता है| पुत्री की इच्छा रखने वाली…

शिवरात्रि की आरती (Shivratri Ki Aarti)

शिवरात्रि के दिन, भगवान् शिव का सुहाना सुसजित एवं सुंदर चित्र देखने को मिलता है, जिसे देखने के लिए भगतों की भीड़ उमड़ पढ़ती है| इन दिनों भागात्वत्सल्ये भगवान् महा कालेश्वर का विशेष श्रृंगार किया जाता है अथवा उन्हे विविध प्रकार के फूलों से सजाया जाता है| अनेकानेक प्राचीन वांग्मय…

शुक्रवार व्रत की आरती (Shukarvar Vart Ki Aarti)

शुक्रवार के दिन मां संतोषी का व्रत-पूजन किया जाता है. संतोषी माता को हिंदू धर्म में संतोष, सुख, शांति और वैभव की माता के रुप में पूजा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता संतोषी भगवान श्रीगणेश की पुत्री हैं. माता संतोषी का व्रत पूजन करने से धन, विवाह संतानादि…

श्री भैरव जी की आरती (Shri Bharav Ji Ki Aarti)

भगवान् शंकर के अवतारों मे भैरव जी का अपना ही एक विशिष्ट स्थान है| भ – से विशव का भरण, र – से रमेश, व् – व् से वमन , अर्थात सृष्टि की उत्पत्ति, पालन और सहांर करने वाले शिव ही भैरव हैं| भैरव यंत्र की बहुत विशेषता मानी गई…

श्री राधा जी की आरती (Shri Radha Ji Ki Aarti)

कृष्ण और राधा जी का प्रेम कोए साधारण प्रेम नहीं , अपितु एक अनोखा प्रेम माना गया है| यह प्रेम रहस्य कोई प्रभु का भगत ही समझ सकता है| इतना अटूट प्यार और दुलार शायद ही इतिहास मे देखने को मिले| जितने भी गुरु पीर पैगम्बर हुए, उनमे श्री कृष्ण…

श्री बद्रीनारायण जी की आरती (Shri Badrinarayan Ji Ki Aarti)

बद्रीनाथ मंदिर भगवान् विष्णु जी के रूप बद्रीनाथ को समर्पित है| हिन्दुओ के चार धाम मे से बद्रीनाथ को एक धाम मन गया है| इस मंदिर मे नर नारायण विग्रह की पूजा होती है | जो की अचल ज्ञान ज्योति का प्रतीक है| हर हिन्दू की यह कामना होती है…

श्री चन्द्र जी की आरती (Shri Chander Ji Ki Aarti)

श्री गुरुनानक देव जी के बढ़े बेटे और उदासी संप्रदाय के संस्थापक थे| इन्होंने बहुत कम उम्र मे भी योग तकनीक मे महारत हांसिल कर ली और अपने पिता बाबा नानक के लिए समर्पित रहे| इन्होंने ही उदासी के आदेश की स्थापना की|

श्री हनुमान जी की आरती (Shri Hanuman Ji Ki Aarti)

हिंदू धर्म में हनुमान जी को भगवान शिव का अवतार माना जाता है। भगवान श्री राम के परम भक्त माने जाने वाले हनुमान जी का स्मरण करने से सभी डर दूर हो जाते हैं। हनुमान जी की पूजा-अर्चना में हनुमान चालीसा, मंत्र और आरती का पाठ किया जाता है।

श्री अन्नपूर्णा देवी जी की आरती (Shri Annpurna Devi Ji Ki Aarti)

देवी अन्नपूर्णा हिन्दू धर्म की अन्न की देवी हैं, जो धन, वैभव और सुख शांति को प्रदान करती हैं| इन्हे अन्न की पूर्ति करने वाली देवी माना जाता है | मान्यता है की देवी अन्पुर्न्ना भक्तों की भूख शांत करती है| इनकी आराधना करने वाले भक्तों के घर मे कभी…

श्री शारदा माता जी की आरती (Shri Sharda Mata Ji Ki Aarti)

सतना जिले की मैहर तहसील के पास त्रिकूट पर्वत पर स्थित माता के इस मंदिर को मैहर देवी का मंदिर कहा जाता है. मैहर का मतलब है मां का हार. मैहर नगरी से 5 किलोमीटर दूर त्रिकूट पर्वत पर माता शारदा देवी का वास है. पूरे भारत में सतना का…

श्री चिन्तपूर्णी देवी जी की आरती (Shri Chintpurni Devi Ji Ki Aarti)

माता चिन्तपुरनी हिमाचल मे स्थित प्रमुख धार्मिक स्थलों मे से एक है| देवताओं के ऊपर असुरों द्वारा काफी अत्याचार किया गया। । देवताओं ने इस विषय पर आपस में विचार किया और इस कष्‍ट के निवारण के लिए वह भगवान विष्णु के पास गये। भगवान विष्णु ने उन्हें देवी की…

प्रभु-जन्म की आरती (Prabhu Janam Ki Aarti)

भय प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशिल्या हितकारी |हरषित महतारी मुनि-मन हारी अदभुत रूप निहारी ||

श्री अथ शिवजी की आरती (Shri Ath Shivji Ki Aarti)

आरती का अर्थ है पूरी श्रद्धा के साथ परमात्मा की भक्ति में डूब जाना। भगवान को प्रसन्न करना। इसमें परमात्मा में लीन होकर भक्त अपने देव की सारी बलाए स्वयं पर ले लेता है और भगवान को स्वतन्त्र होने का अहसास कराता है। आरती को नीराजन भी कहा जाता है।…

श्री केदारनाथ जी की आरती (Shri Kedarnath Ji Ki Aarti)

ऐसा माना जाता है कि जब भगवान शंकर बैल के रूप में अंतध्र्यान हुए, तो उनके धड से ऊपर का हिस्सा काठमाण्डू में प्रकट हुआ। अब वहां पशुपतिनाथ का मंदिर है। शिव की भुजाएं तुंगनाथ में, मुख रुद्रनाथमें, नाभि मदमदेश्वरमें और जटा कल्पेश्वरमें प्रकट हुए। इसलिए इन चार स्थानों सहित…

श्री श्याम जी की आरती (Shri Shyam Ji Ki Aarti)

श्याम बाबा जी का वर्णन महाभारत काल मे किया गया है| ऐसा माना जाता है कि श्याम बाबा जी की सच्चे मन से अराधना करने से सभी कार्यों मे सफलता मिलती है तथा सर्व मनो कामनाएं पूर्ण होती हैं| इनकी उपासना को बहुत पवित्र और स्वच्छ माना गया है| श्याम…

श्री नैना देवी जी की आरती (Shri Naina Devi Ji Ki Aarti)

नैनीताल में, नैनी झील के उत्त्तरी किनारे पर नैना देवी मंदिर स्थित है। 1880 में भूस्‍खलन से यह मंदिर नष्‍ट हो गया था। बाद में इसे दुबारा बनाया गया। यहां सती के शक्ति रूप की पूजा की जाती है। मंदिर में दो नेत्र हैं जो नैना देवी को दर्शाते हैं।…
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नम्रता का पाठ

एक बार अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन नगर की स्थिति का जायजा लेने के लिए निकले। रास्ते में एक जगह भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। वह कुछ देर के लिए वहीं रुक गए और वहां चल रहे कार्य को गौर से देखने लगे। कुछ देर में उन्होंने देखा कि कई मजदूर एक बड़ा-सा पत्थर उठा कर इमारत पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। किंतु पत्थर बहुत ही भारी था, इसलिए वह more...

व्यर्थ की लड़ाई

एक आदमी के पास बहुत जायदाद थी| उसके कारण रोज कोई-न-कोई झगड़ा होता रहता था| बेचारा वकीलों और अदालत के चक्कर के मारे परेशान था| उसकी स्त्री अक्सर बीमार रहती थी| वह दवाइयां खा-खाकर जीती थी और डॉक्टरों के मारे उसकी नाक में दम था| एक दिन पति-पत्नी में झगड़ा हो गया| पति ने कहा - "मैं लड़के को वकील बनाऊंगा, जिससे वह मुझे सहारा दे सके|" more...

धर्म और दुकानदारी

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समझदारी की बात

एक सेठ था| उसने एक नौकर रखा| रख तो लिया, पर उसे उसकी ईमानदारी पर विश्वास नहीं हुआ| उसने उसकी परीक्षा लेनी चाही| अगले दिन सेठ ने कमरे के फर्श पर एक रुपया डाल दिया| सफाई करते समय नौकर ने देखा| उसने रुपया उठाया और उसी समय सेठ के हवाले कर दिया| दूसरे दिन वह देखता है कि फर्श पर पांच रुपए का नोट पड़ा है| उसके मन में थोड़ा शक पैदा हुआ| more...

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