Home05. कर्मसंन्यासयोग

05. कर्मसंन्यासयोग (3)

ज्ञानयोग का विस्तार (अध्याय 5 शलोक 13 से 26)

ध्यानयोग का वर्णन (अध्याय 5 शलोक 27 से 29)