Home05. कर्मसंन्यासयोग

05. कर्मसंन्यासयोग (3)

कर्म की महिमा (सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता – अध्याय 5 शलोक 1 से 12)

ज्ञानयोग का विस्तार (सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता – अध्याय 5 शलोक 13 से 26)

ध्यानयोग का वर्णन (सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता – अध्याय 5 शलोक 27 से 29)

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