अतिथि पोस्ट (70)

परमात्मा के ज्ञान में ही सारा ज्ञान समाहित है!

मानव सभ्यता के नव निर्माण के लिए आते हैं दिव्य अवतार:- यह पृथ्वी करोड़ों वर्ष पुरानी है। इस पृथ्वी का जीवन करोड़ों वर्ष का है क्योंकि जब से सूरज का जीवन है तब से मनुष्य का जीवन है। भारत की सभ्यता सबसे पुरानी है। आज मनुष्य का जीवन बहुत ही…

मोक्षप्राप्ति के लिए आत्मज्ञान

आठवे शताब्दी के जगविख्यात तत्त्वज्ञानी तथा वेदान्ती आदि श्री शंकराचार्यजी ने अव्दैत सिद्धांत का एकीकरण करके उसे स्थापित किया। इस सिद्धांत के अनुसार आत्मा तथा निर्गुण ब्रह्म इन दोनों में एकरूपता होती है। आगे चलकर इस भारतवर्ष के अनेक ख्यात संतो तथा ऋषिमुनियों ने अव्दैत तत्त्व का प्रचार तथा प्रसार…

सत्य और न्याय की सदैव जीत होती है!

झारखंड में रामगढ़ के रजप्पा टाउनशिप में पिछले 30 साल से झाडू लगाने वाली सुमित्रा देवी का नौकरी का आखिरी दिन था। विदाई समारोह में शामिल होने के लिए उसके तीन अफसर बेटे शामिल हुए। उसके तीन बेटों में सीवान (बिहार) के डीएम महेंद्र कुमार, रेलवे के चीफ इंजीनियर वीरेन्द्र…

हमारे पास इतनी बड़ी चीजें हैं कि उसका रूपये से कोई संबंध नहीं है!

हमारे पास इतनी कीमती चीजें हैं जिसके बारे में हमको ज्ञान नहीं है। हमारे पास क्या चीजें हैं - हमारे पास हमारा शरीर, हमारा चिन्तन, हमारा वक्त, हमारा श्रम, हमारा पसीना, हमारा आत्मविश्वास, हमारा स्वास्थ्य, हमारा साहस, हमारा ज्ञान-विज्ञान, हमारा हृदय, हमारा मस्तिष्क, हमारा अनुभव, हमारी भावनाएं-संवेदनाएं। हमारे पास ये…

नोटबंदी के उद्देश्य को सफल बनाने में देश भक्ति का संदेश छिपा है! (देश के लिए अपना-अपना करो सुधार तभी मिटेगा भ्रष्टाचार)

लोग 500 और 1000 रूपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर करने को सरकार के स्मार्ट अभियान की तरह देख रहे हैं लेकिन लोग ब्लैक मनी को सफेद करने के लिए ओवर स्मार्ट तरीके खोजने की कोशिश भी कर रहे हैं। कहीं यह कोशिश ऐसे लोगों पर भारी न…

दिल दिया है जान भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए!

देश के प्रथम उप-प्रधानमंत्री लोहपुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल ने पहले गणतंत्र दिवस के अवसर पर कहा था कि भारत के इतिहास का एक नया अध्याय हमारे सामने खुल रहा है। हमारे पास अपने आप को बधाई देने की वजह है कि हम सब इस मुबारक मौके के भागीदार बन रहे…

‘‘होली’’ का मंगल पर्व हम सभी के जीवन में नई आध्यात्मिक क्रान्ति लाए!

(1) ‘होली’ भारतीय समाज का एक प्रमुख त्योहार: भारत संस्कृति में त्योहारों एवं उत्सवों का आदि काल से ही काफी महत्व रहा है। हमारी संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है कि यहाँ पर मनाये जाने वाले सभी त्योहार समाज में मानवीय गुणों को स्थापित करके, लोगों में प्रेम, एकता एवं…

विश्व में शांति की स्थापना के लिए महिलाओं को सशक्त बनायें!

किसी भी बालक के व्यक्तित्व निर्माण में ‘माँ’ की ही मुख्य भूमिका: कोई भी बच्चा सबसे ज्यादा समय अपनी माँ के सम्पर्क में रहता है और माँ उसे जैसा चाहे बना देती है। इस सम्बन्ध में एक कहानी मुझे याद आ रही है जिसमें एक माता मदालसा थी वो बहुत…

आज की उम्मीद आने वाले कल की सच्चाई है

प्रसिद्ध स्पेस वैज्ञानिक एम. अन्नादुरई के अनुसार मेरा जन्म तमिलनाडु के कोयम्बटूर जिले के एक छोटे-से गांव में 1958 में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा मैंने अपने गांव के स्कूल में ही पाई। बचपन में सातवीं क्लास तक मेरे घर में बिजली नहीं थी। हम पांच भाई-बहन थे और मेरे पिता महीने…

एक तरफ विश्व में जो हो रहा है उसकी सच्चाई तथा दूसरी तरफ जो होना चाहिए वह सच्चाई

अमेरिकी खुफिया विभाग ने अपनी एक नई रिपोर्ट में रूस के राष्ट्रपति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति पद की दौड़ में जीत हासिल करने में डोनाल्ड ट्रंप की मदद के लिए और उनकी विपक्षी हिलेरी क्लिंटन को बदनाम…

मनुष्य रूप में जन्म हमें लोक कल्याण के लिए ही मिला है!

(1) जीवन के प्रत्येक पल को पूरे उत्साह के साथ जीना चाहिए: लोक कल्याण की भावना से ओतप्रोत होकर सफल जीवन जीने के लिए प्रत्येक मनुष्य को ईश्वरीय ज्ञान रूपी शक्ति का प्रत्येक पल भरपूर सदुपयोग करना चाहिए। हम जैसा सोचते हैं हम अपने जीवन को वैसा ही बना भी…

परिवार, स्कूल तथा मीडिया को एकजुट होकर समाधान निकलना है! (प्रिन्सिपल की डांट से क्षुब्ध छात्र ललित ने खुदकुशी कर ली)

लखनऊ में 3 दिसम्बर 2016 को घटित एक समाचार के अनुसार कैथेड्रिल सीनियर सेकंेडरी स्कूल, लखनऊ के कक्षा 12 के पढ़ाई में टाॅपर छात्र ललित यादव ने पिता की लाइसंेसी रिवाॅल्वर से गोली मारकर मौत को गले लगा लिया। लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र के केशवनगर में रहने वाले अमरनाथ…

दुनिया वैसी है जैसा हम उसके बारे में विचार रखते हैं!

यह एक शैक्षिक जगत की अच्छी खब़र है कि अब काॅलेज बीटेक छात्रों को मुफ्त में पीजी और पीएचडी कराएंगे और नौकरी की गारंटी देंगे। पढ़ने के दौरान छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। योजना इसी साल से शुरू हो जाएगी। इंजीनियरिंग संस्थानों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए…

विद्यार्थी अपनी सर्वोच्च प्रतिभा का एक अंश समाज को देने के लिए अपने को तैयार करें!

काक चेष्टा, बको ध्यानं, श्वान निद्रा तथैव च। अल्पहारी, स्वयंसेवी, विद्यार्थी पंच लक्षणं।। (भावार्थ - 1. जिस प्रकार कौआ ने मटके में मनोयोगपूर्वक एक-एक कंकड़ डालकर अपनी प्यास बुझाने में सफलता प्राप्त की, 2. बगले की तरफ केवल अपने लक्ष्य पर पूरी एकाग्रता, 3. कुत्ते की तरह सर्तक होकर सोना,…

आज हमारे नन्हें-मुन्नों को संस्कार कौन दे रहा है? माँ? दादी माँ? या टी.वी. और सिनेमा?

(1) आज हमारे नन्हें-मुन्नों को संस्कार कौन दे रहा है? वर्तमान समय मंे परिवार शब्द का अर्थ केवल हम दो हमारे दो तक ही सीमित हुआ जान पड़ता हैं। परिवार में दादी-दादी, ताऊ-ताई, चाचा-चाची, आदि जैसे शब्दों को उपयोग अब केवल पुराने समय की कहानियों को सुनाने के लिए ही…

गरीबी हटाने में काला धन सबसे बड़ी बाधा (देश के प्रत्येक नागरिक को दो वक्त का भोजन सुलभ होना चाहिए!)

भूख तथा गरीबी हटाने में काला धन सबसे बड़ी बाधा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मानव समाज एवं मानव जीवन में सुचिता लाने के लिए 500 तथा 1000 के नोट्स पर 8 नवम्बर की रात्रि को प्रतिबन्ध लगाकर गरीबी, आतंकवाद, काला धन, नकली नोट तथा भ्रष्टाचार के स्त्रोत पर…

मानवीय जज्बे में बहुत कुछ अच्छा होता है

शिक्षा के लिए समर्पित लखनऊ विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र विभाग के पूर्व हेड डाॅ. जगमोहन सिंह वर्मा (72) की देह अब मेडिकल स्टूडंेट्स के काम आएगी। प्रो. जगमोहन सिंह का निधन 30 जनवरी 2017 को सुबह हो गया। पत्नी श्रीमती कुसुम लता सिंह ने बताया कि डाॅ. जगमोहन सिंह ने 31…

नौकरी या व्यवसाय ही ‘आत्मा के विकास’ का सबसे सरल एवं एकमात्र उपाय है! (इस नये युग की सर्वाधिक आवश्यकता अध्यात्म तथा गुणात्मक शिक्षा को सर्वसुलभ बनाने की है!)

(1) क्या ‘असाधारण’ व्यक्तियों तथा ‘साधारण व्यक्तियों’ के द्वारा आत्मा के विकास में कोई फर्क है? हाँ! (अ) समाज में कुछ ‘असाधारण’ तथा बिरले लोग ही’ ऋषि-मुनियों तथा महापुरूषों के रूप में विकसित हुए हैं जिन्होंने अपनी आत्मा के विकास के लिए कोई ‘नौकरी या व्यवसाय’ नहीं किया। इन महापुरूषों…

धरती को प्रदुषण के महाविनाश से बचाना इस युग का सबसे बड़ा पुण्य है!

(1) प्रकृति से खिलवाड़ के भयंकर परिणाम होगे! धरती का अस्तित्व रखने वाले सभी जीवों का प्रकृति से सीधा संबंध है। प्रकृति में हो रही उथल-पुथल का प्रभाव सब पर पड़ता है। मनुष्य की छेड़छाड़ की वजह से प्रकृति रौद्ररूप धारण कर लेती है। मानव को समझ लेना चाहिए कि…

देश में ज्यादा छुट्टियों का मतलब आम आदमी का ज्यादा नुकसान (सबसे ज्यादा नुकसान बच्चों की शिक्षा का हो रहा है)

डाॅ. भीमराव अम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर 6 दिसंबर को प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश का ऐलान प्रदेश सरकार ने किया। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में घोषित वार्षिक अवकाश 42 हो गए हैं। इन 42 वार्षिक अवकाशों में से 17 छुट्टियां ऐसी हैं जो जातीय आधार पर घोषित की गई…

विश्व की सभी समस्याओं का शान्तिपूर्ण समाधान है ‘भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51’

भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति की मूल शिक्षा ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम्’’ की भावना पर आधारित भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51 विश्व एकता का संदेश देता है। संविधान के अनुच्छेद 51 के अनुसार भारत का गणराज्य (क) अन्तर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि करेगा, (ख) राष्ट्रों के बीच न्यायसंगत और सम्मानपूर्ण संबंधों को…

क्या इस सृष्टि के रचनाकार परमपिता परमात्मा का अस्तित्व है?

क्या इस सृष्टि के रचनाकार परमपिता परमात्मा का अस्तित्व है? आज मानव जाति अनेक समस्याओं, कुरीतियों तथा मूढ़ मान्यताओं से पीड़ित तथा घिरा हुआ है। मनुष्य परमात्मा के दर्शन भौतिक आंखों से करना चाहता है। आज धर्म का स्थान बाहरी कर्म-काण्डों ने ले लिया है। हम सभी जानते हैं कि…

मृत्यु संसार से अपने ‘असली वतन’ जाने की वापिसी यात्रा है! (जब जन्म शुभ है तो मृत्यु अशुभ कैसे हो सकती है?)

(1) जीवन-मृत्यु के पीछे परमपिता परमात्मा का महान उद्देश्य छिपा है: इस सत्य को जानना चाहिए कि शरीर से अलग होने पर भी आत्मा तब तक प्रगति करती जायेगी जब तक वह परमात्मा से एक ऐसी अवस्था में मिलन को प्राप्त नहीं कर लेती जिसे सदियों की क्रान्तियाँ और दुनिया…

धार्मिक है लेकिन नहीं है नैतिक बहुत बड़ा आश्चर्य है? (यदि समय शक्ति के रहते आचार-विचार सुधार न सके, जब अंत समय आ जायेगा, फिर मत कहना कुछ कर न सके)

(1) धार्मिक है लेकिन नहीं है नैतिक बहुत बड़ा आश्चर्य है? धर्म के नाम पर हम रोजाना जो भी घण्टों पूजा-पाठ करते है वे भगवान को याद करने के लिए कम भगवान को भुलाने के ज्यादा होते हैं। धर्म के नाम पर सारे विश्व में एक-दूसरे का खून बहाया जा…

धरती को चलो इस बार न्यायपूर्ण ढंग से चलाये!

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पद छोड़ने से पूर्व राष्ट्र के नाम अपने आखिरी संबोधन में देश के समक्ष उत्पन्न खतरों को लेकर आगाह किया। 20 जनवरी 2017 को देश के राष्ट्रपति बनने जा रहे डोनाल्ड ट्रंप को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिकी जनता मुस्लिमों समेत सभी अल्पसंख्यकों…

हम सबकी जिम्मेदारी, मिलकर बनाये दुनियाँ प्यारी

मानव जाति के अन्नदाता किसान को जमीन को कागजी दांव-पेच से आगे एक महान उद्देश्य से भरे जीवन की तरह देखना चाहिए। कागजी दांव-पेच को हम एक किसान की सांसारिक माया कह सकते हैं, लेकिन अब जमीन पर पौधे लगाने की योजना है, ताकि हमारा सांसारिक मोह केवल जमीनी कागज…

‘प्रभु कार्य’ करने का ‘सुअवसर’ आया है!

(1) प्रभु कार्य करने का ‘सुअवसर' आया है: हिन्दू शास्त्रों के अनुसार परमात्मा ने दो प्रकार की योनियाँ बनाई हैं। पहली ‘मनुष्य योनि’ एवं दूसरी ‘पशु योनि’। चैरासी लाख ‘‘विचार रहित पशु योनियों’ में जन्म लेेने के पश्चात् ही परमात्मा कृपा करके मनुष्य को ‘‘विचारवान मानव की योनि'’ देता है।…

गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर लखनऊ में 26 जनवरी!

गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर लखनऊ में 26 जनवरी, 2017 को सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ द्वारा निकाली जाने वाली ‘एक कर दे हृदय अपने सेवकों के हे प्रभु’ झांकी का आलेख संविधान का अनुच्छेद 51 क्या है ?

संसार के कुछ सुलझे तथा अनसुलझे प्रश्न?

भारत में भ्रष्टाचार उन्मूलन और पारदर्शिता के भले ही कड़े कदम उठाए गए हों, लेकिन रिश्वतखोरी कम नहीं हुई है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया प्रशांत क्षेत्र में रिश्वत के मामले में भारत शीर्ष पर है। रिपोर्ट के अनुसार, 2016 में दो तिहाई अर्थात 67 प्रतिशत…

नोटबंदी से लोगों में देश भक्ति तथा सेवा का अभूतपूर्व जज्बा उभरा

सरकार के 500 और 1000 रूपये के नोटबंदी के फैसले को लेकर देश भर में बैंकों और एटीएम के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं। कही रोष है तो कई इस फैसले के साथ नजर आ रहे है। इस बीच इंडिया के विस्फोटक बल्लेबाज रहे वीरेंद्र सहवाग ने लोगों को…

विश्व की सभी समस्याओं का शान्तिपूर्ण समाधान है ‘भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51 क्या है? संविधान के अनुच्छेद 51 के अनुसार भारत का गणराज्य (क) अन्तर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि करेगा (ख) राष्ट्रों के बीच न्यायसंगत और सम्मानपूर्ण संबंधों को बढ़ाने का प्रयत्न करेगा, (ग) संसार के सभी राष्ट्र अन्तर्राष्ट्रीय कानून का सम्मान करें ऐसा प्रयत्न करेगा…

क्या हमारी सबसे कीमती चीज ‘‘विश्वव्यापी दृष्टि’’ खो गयी है? (यह विश्व अपना है, पराया नहीं)

फिलीपीन्स के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर देश में नशीली दवाओं की तस्करी नहीं रूकी तो सैनिक शासन लागू होगा। एक बैठक के दौरान उन्होंने देश में भयावह होती ड्रग्स की समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नशीली दवा के कारण देश के…

हमारे अपने विश्व के कुछ अच्छे तथा बुरे हालात!

अमेरिका के अखबार द क्रिश्चियन साइंस माॅनिटर के अनुसार अफ्रीका महादेश समृद्धि की तरफ तेज कदमों से बढ़ रहा है। अफ्रीका महाद्वीप में 54 देश समाहित हैं और जिनमें करीब एक अरब बीस करोड़ से अधिक लोग रहते हैं। तेल और खनिज पदार्थों के प्रचुर भंडार वाली अफ्रीकी अर्थव्यवस्थाएं अब…

नोटबंदी विपक्ष के लिए भी मानव जाति की सेवा का मौका है

नोटबंदी के बंद आयकर कानून में संशोधन का विधेयक आ गया। इस विधेयक ने कई और सवालों को जन्म दे दिया है। इस सबके बीच देश की सभी ईमानदार लोगों का यह अहसास और गहरा हुआ है कि यदि लोकतंत्र की अर्थव्यवस्था को सही तरह से आगे बढ़ना है तो…

बड़े भाग्य से मानव शरीर मिला है!

(1) मानव जीवन अनमोल उपहार है:- आज के युग तथा आज की परिस्थितियों में विश्व मंे सफल होने के लिए बच्चों को टोटल क्वालिटी पर्सन (टी0क्यू0पी0) बनाने के लिए स्कूल को जीवन की तीन वास्तविकताओं भौतिक, सामाजिक तथा आध्यात्मिक शिक्षायें देने वाला समाज के प्रकाश का केन्द्र अवश्य बनना चाहिए।…

क्या अब विश्व की एक आर्थिक एवं राजनैतिक व्यवस्था बनानी चाहिए?

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने साल भर पहले जब पश्चिम एशिया का दौरा किया था। जिनपिंग ने अपनी इस यात्रा के पड़ावों में रियाद और तेहरान के अलावा काहिरा में अरब लीग की बैठक मंे भी वह शामिल हुए थे। चीन अभी तक अपने व्यापारिक हितों के जरिये ही…

प्रत्येक बालक को सबसे पहले एक अच्छा इंसान बनायें!

बालक परमपिता परमात्मा की सर्वोच्च कृति हैः- प्रत्येक बालक अवतार की तरह पवित्र, दयालु तथा ईश्वरीय प्रकाश से प्रकाशित हृदय लेकर इस धरती पर अवतरित होता है। परमात्मा की मानव प्राणी पर यह विशेष कृपा है कि वह अपने प्रत्येक मानव पुत्र को पवित्र, दयालु तथा ईश्वरीय प्रकाश का अनमोल…

संसार में न्याय, लोकतंत्र, शिक्षा और कानून का राज होना चाहिए!

बराक ओबामा को एक नए सर्वेक्षण में अमेरिकी इतिहास का 12वां सबसे अच्छा राष्ट्रपति चुना गया है। ओबामा अमेरिका के 44वें राष्ट्रपति रहे हैं। इस सर्वेक्षण में अब्राहम लिंकन को पहले, जार्ज वार्शिगटन को दूसरे तथा फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट को तीसरे स्थान पर रखा गया है। इस सर्वेक्षण में विभिन्न…

आध्यात्मिक चेतना के अभाव में मनुष्य कभी भी सुखी नहीं रह सकता!

मानव जीवन का उद्देश्य प्रभु को प्राप्त करना और प्रभु शिक्षाओं पर चलना है: जिस प्रकार से किसी भी देश को चलाने के लिए संविधान की आवश्यकता होती है, ठीक उसी प्रकार से मनुष्य को अपना निजी जीवन चलाने के लिए व अपना सामाजिक जीवन चलाने के लिए धर्म की…

प्रत्येक क्षण में बहुत कुछ नया है!

यदि हमारे अंदर पुराने का आग्रह है तो जीवन में सब पुराना हो जाएगा। जीवन मंे यदि हम पुराने का आग्रह छोड़ दें तो इस नये वर्ष 2017 का प्रत्येक दिन नया दिन तथा प्रत्येक क्षण नया क्षण होगा। कोई व्यक्ति जो निरंतर नए में जीने लगे, तो उसकी खुशी…

उम्मीद और विश्वास के बलबुते जीवन महान बनता है!

पाकिस्तान के प्रति भारत अपना मानवीय कर्तव्य निभाने से कभी पीछे नहीं रहता। एक बार फिर भारत ने पाकिस्तानी बच्ची के साथ पवित्र रिश्ता निभाकर यह साबित भी कर दिया है। नोएडा के सेक्टर 12 में स्थित फोर्टिस अस्पताल ने लिवर की बीमारी से पीड़ित पाकिस्तान के सिंध प्रान्त के…

मनुष्य की पवित्र आत्मा अपनी नौकरी या व्यवसाय द्वारा प्रभु के गुण रूपी प्रकाश को प्रतिबिम्बित करती है!

(1) शरीर को प्रकृति से पोषण मिलता है तथा जीवनीय शक्ति आत्मा से मिलती है:- पृथ्वी, जल, अग्नि, आकाश और वायु इन पंचतत्वों से इस शरीर की रचना हुई है। शरीर को रोजाना पौष्टिक भोजन देकर तथा पंचतत्वों में संतुलन रखकर हम उसे लम्बी आयु तक हष्ट-पुष्ट तथा निरोग रखते…

उत्साह सबसे बड़ी शक्ति और आलस्य सबसे बड़ी कमजोरी है

1. आलस्य से हम सभी परिचित हैं। काम करने का मन न होना, समय यों ही गुजार देना, आवश्यकता से अधिक सोना आदि को हम आलस्य की संज्ञा देते हैं और यह भी जानते हैं कि आलस्य से हमारा बहुत नुकसान होता है। फिर भी आलस्य से पीछा नहीं छूटता,…

आध्यात्मिक संतुष्टि की अनुभूति शब्दों में व्यक्त नहीं की जा सकती!

(1) आध्यात्मिक संतुष्टि की अनुभूति शब्दों में व्यक्त नहीं की जा सकती: परमात्मा को समर्पित करके, एकाग्रचित्त होकर तथा पवित्र हृदय से अपनी नौकरी या व्यवसाय करने से निरन्तर गजब की आध्यात्मिक संतुष्टि की प्राप्ति होती है। आध्यात्मिक संतुष्टि का स्वाद तो ‘‘गूँगे व्यक्ति का गुड़’’ खाने के समान है।…

इंटरनेट के द्वारा वैश्विक स्तर पर सामाजिक परिवर्तन का जज्बा उभरा है

आज हम इंटरनेट तथा सैटेलाइट जैसे आधुनिक संचार माध्यमों से लैस हैं। संचार तकनीक ने वैश्विक समाज के गठन में अहम भूमिका अदा की है। हम समझते हैं कि मानव इतिहास में यह एक अहम घटना है। हम एक बेहद दिलचस्प युग में जी रहे हैं। आओ, हम सब मिलकर…

परमात्मा अपनी सभी संतानों की हिफाजत करता है!

जीवन में मिलने वाले सभी दुःखों का कारण हम परमात्मा को मान लेते हैं:- जिंदगी में कई बार हम बहुत खुश होते हैं तो कभी दुःखी हो जाते हैं। जब हम सुख में रहते हैं तो इसकी वजह हम अपने को व अपनी योग्यता को मानते हैं, लेकिन जब हम…

संसार के प्रत्येक व्यक्ति को प्रेम, आनंद तथा खुशी बांटे

असंभव के विरूद्ध चलने का नियम यह नहीं कि हम यह ठान लें कि एकाएक हम कोई बड़ा काम गुजरेंगे। आॅस्ट्रेलिया के निक वुजिसिक जन्म से ही उनके दोनों हाथ और पैर नहीं हैं। पैर की जगह निकली कुछ उगंलियों की मदद से उन्होंने लिखना सीखा। अकाउंटिंग व फाइनेंस में…

हमें प्रभु सम्मत व पवित्र कर्म करते हुए अपने जीवन के परम लक्ष्य को प्राप्त करना है!

हमें अपनी आत्मा का दीया जलाना है! एक कमरे में अंधेरा था। जब उसमें एक व्यक्ति गया तो उसे यह पता ही नहीं था कि उस कमरे मंे क्या-2 रखा है। उस कमरे में कही कुर्सी रखी है तो कहीं मेज रखी है। तो वह टक्टर खाता हुआ, धक्का खाता…

अपना सर्वोत्तम समाज को देने वालों में गजब का जज्बा होता है!

थामस एल्वा एडिसन प्राइमरी स्कूल मे पढ़ते थे। एक दिन घर आए और मां को एक कागज देकर कहा, टीचर ने दिया है। उस कागज को पढ़कर माँ की आँखों में आंसू आ गए। एडिसन ने पूछा क्या लिखा है? आँसू पोंछकर माँ ने कहा- इसमें लिखा है- ‘‘आपका बच्चा…

जीवन की नींव को निःस्वार्थ सेवा से मजबूत बनाये

उत्तर प्रदेश के शामली के जैन मोहल्ला निवासी श्री नीरज गोयल वर्ष 2010 में मुंडेट कलां प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में बतौर सहायक अध्यापक नियुक्त हुए। प्राथमिक सरकारी स्कूल का नाम सुनते ही जेहन में शिक्षा के नाम खानापूरी का विचार आता है। मिड डे मील और वजीफे के बीच…
  •  Start 
  •  Prev 
  •  1 
  •  2 
  •  Next 
  •  End 
Page 1 of 2
 

नम्रता का पाठ

एक बार अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन नगर की स्थिति का जायजा लेने के लिए निकले। रास्ते में एक जगह भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। वह कुछ देर के लिए वहीं रुक गए और वहां चल रहे कार्य को गौर से देखने लगे। कुछ देर में उन्होंने देखा कि कई मजदूर एक बड़ा-सा पत्थर उठा कर इमारत पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। किंतु पत्थर बहुत ही भारी था, इसलिए वह more...

व्यर्थ की लड़ाई

एक आदमी के पास बहुत जायदाद थी| उसके कारण रोज कोई-न-कोई झगड़ा होता रहता था| बेचारा वकीलों और अदालत के चक्कर के मारे परेशान था| उसकी स्त्री अक्सर बीमार रहती थी| वह दवाइयां खा-खाकर जीती थी और डॉक्टरों के मारे उसकी नाक में दम था| एक दिन पति-पत्नी में झगड़ा हो गया| पति ने कहा - "मैं लड़के को वकील बनाऊंगा, जिससे वह मुझे सहारा दे सके|" more...

धर्म और दुकानदारी

एक दिन एक पण्डितजी कथा सुना रहे थे| बड़ी भीड़ इकट्ठी थी| मर्द, औरतें, बच्चे सब ध्यान से पण्डितजी की बातें सुन रहे थे| पण्डितजी ने कहा - "इस दुनिया में जितने प्राणी हैं, सबमें आत्मा है, सारे जीव एक-समान हैं| भीड़ में एक लड़का और उसका बाप बैठा था| पण्डितजी की बात लड़के को बहुत पसंद आई और उसने उसे गांठ बांध ली| अगले दिन लड़का दुकान पर गया| थोड़ी देर में एक more...
 

समझदारी की बात

एक सेठ था| उसने एक नौकर रखा| रख तो लिया, पर उसे उसकी ईमानदारी पर विश्वास नहीं हुआ| उसने उसकी परीक्षा लेनी चाही| अगले दिन सेठ ने कमरे के फर्श पर एक रुपया डाल दिया| सफाई करते समय नौकर ने देखा| उसने रुपया उठाया और उसी समय सेठ के हवाले कर दिया| दूसरे दिन वह देखता है कि फर्श पर पांच रुपए का नोट पड़ा है| उसके मन में थोड़ा शक पैदा हुआ| more...

आध्यात्मिक जगत - World of Spiritual & Divine Thoughts.

Disclaimer

 

इस वेबसाइट का उद्देश्य जन साधारण तक अपना संदेश पहुँचाना है| ताकि एक धर्म का व्यक्ति दूसरे धर्म के बारे में जानकारी ले सके| इस वेबसाइट को बनाने के लिए विभिन्न पत्रिकाओं, पुस्तकों व अखबारों से सामग्री एकत्रित की गई है| इसमें किसी भी प्रकार की आलोचना व कटु शब्दों का प्रयोग नहीं किया गया|
Special Thanks to Dr. Rajni Hans, Ms. Karuna Miglani, Ms. Anisha Arora, Mr. Ashish Hans, Ms. Mini Chhabra & Ms. Ginny Chhabra for their contribution in development of this spiritual website. Privacy Policy | Media Partner | Wedding Marketplace

Vulnerability Scanner

Connect With Us