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Homeधार्मिक ग्रंथसम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता01. अर्जुनविषादयोगयुद्ध कौशल वर्णन (सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता – अध्याय 1 शलोक 1 से 19)

युद्ध कौशल वर्णन (सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता – अध्याय 1 शलोक 1 से 19)

युद्ध कौशल वर्णन (सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता – अध्याय 1 शलोक 1 से 19)

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सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय 1 शलोक 1
धृतराष्ट्र बोले (Dhritrashtr said):

धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः।
मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत संजय॥1-1॥

हिन्दी और अंग्रेजी में अनुवाद 

H हे संजय, धर्मक्षेत्र में युद्ध की इच्छा से इकट्ठे हुये मेरे और पाण्डव के पुत्रों ने क्या किया।

E Assembled at Kurukshetr, at Dharmkshetr, and eager for combat, O Sanjay, what did my and Pandu’s sons do?
सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय 1 शलोक 2

संजय बोले (Sanjay said):

दृष्ट्वा तु पाण्डवानीकं व्यूढं दुर्योधनस्तदा।
आचार्यमुपसंगम्य राजा वचनमब्रवीत्॥1-2॥

हिन्दी और अंग्रेजी में अनुवाद 

H हे राजन, पाण्डवों की सेना व्यवस्था देख कर दुर्योधन ने अपने आचार्य के पास जा कर उनसे कहा।

E At the time, after having seen the Pandav army standing in battle array, King Duryodhan approached his teacher Dronacharya and spoke thus.
सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय 1 शलोक 3
पश्यैतां पाण्डुपुत्राणामाचार्य महतीं चमूम्।
व्यूढां द्रुपदपुत्रेण तव शिष्येण धीमता॥1-3॥

हिन्दी और अंग्रेजी में अनुवाद 

H हे आचार्य, आप के तेजस्वी शिष्य द्रुपदपुत्र द्वारा व्यवस्थित की इस विशाल पाण्डू सेना को देखिये।

E Behold, O master, this massive army of Pandu’s sons marshalled in battle formation by your wise pupil, the son of Drupad (Dhristdyumn).
सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय 1 शलोक 4, 5, 6
अत्र शूरा महेष्वासा भीमार्जुनसमा युधि।
युयुधानो विराटश्च द्रुपदश्च महारथः॥1-4॥

धृष्टकेतुश्चेकितानः काशिराजश्च वीर्यवान्।
पुरुजित्कुन्तिभोजश्च शैब्यश्च नरपुङ्गवः॥1-5॥

युधामन्युश्च विक्रान्त उत्तमौजाश्च वीर्यवान्।
सौभद्रो द्रौपदेयाश्च सर्व एव महारथाः॥1-6॥

हिन्दी और अंग्रेजी में अनुवाद 

H इसमें भीम और अर्जुन के ही समान बहुत से महान शूरवीर योधा हैं जैसे युयुधान, विराट और महारथी द्रुपद, धृष्टकेतु, चेकितान, बलवान काशिराज, पुरुजित, कुन्तिभोज तथा नरश्रेष्ट शैब्य। विक्रान्त युधामन्यु, वीर्यवान उत्तमौजा, सुभद्रापुत्र (अभिमन्यु), और द्रोपदी के पुत्र – सभी महारथी हैं।

E Here in the army are many valiant archers, Yuyudhan, Virat and the great martial commander Drupad, who are a worthy match for the brave Arjun and Bheem, and Dhrishtketu, Chekitan, and… the mighty King of Kashi, as well as Purujeet and Kuntibhoj, and Shaibya, the unparalleled among men and … The valorous Yudhmanyu, the mighty Uttmauj, Saubhadr, and Draupadi’s five sons, all great warriors.
सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय 1 शलोक 7
अस्माकं तु विशिष्टा ये तान्निबोध द्विजोत्तम।
नायका मम सैन्यस्य संज्ञार्थं तान्ब्रवीमि ते॥1-7॥

हिन्दी और अंग्रेजी में अनुवाद 

H हे द्विजोत्तम, हमारी ओर भी जो विशिष्ट योद्धा हैं उन्हें आप को बताता हूँ। हमारी सैन्य के जो प्रमुख नायक हैं उन के नाम मैं आप को बताता हूँ।

E Be it known to you, O the worthiest of the twice-born (Brahmins), the names of those who are most eminent amongst us, the chiefs of our army; these I now name for your information.
सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय 1 शलोक 8
भवान्भीष्मश्च कर्णश्च कृपश्च समितिंजयः।
अश्वत्थामा विकर्णश्च सौमदत्तिस्तथैव च॥1-8॥

हिन्दी और अंग्रेजी में अनुवाद 

H आप स्वयं, भीष्म पितामह, कर्ण, कृप, अश्वत्थामा, विकर्ण तथा सौमदत्त (सोमदत्त के पुत्र) – यह सभी प्रमुख योधा हैं।

E Your venerable self, Bheeshm and Karn, and also Kripavictor in wars, Ashwatthama and Vikarn, as well as Saumdutti (Bhurishrawa, son of Somdutt).
सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय 1 शलोक 9
अन्ये च बहवः शूरा मदर्थे त्यक्तजीविताः।
नानाशस्त्रप्रहरणाः सर्वे युद्धविशारदाः॥1-9॥

हिन्दी और अंग्रेजी में अनुवाद 

H हमारे पक्ष में युद्ध में कुशल, तरह तरह के शस्त्रों में माहिर और भी अनेकों योद्धा हैं जो मेरे लिये अपना जीवन तक त्यागने को त्यार हैं।

E And (there are) many other skilled warriors, too, equipped with numerous arms, who have forsaken hope of life for my sake.
सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय 1 शलोक 10
अपर्याप्तं तदस्माकं बलं भीष्माभिरक्षितम्।
पर्याप्तं त्विदमेतेषां बलं भीमाभिरक्षितम्॥1-10॥

हिन्दी और अंग्रेजी में अनुवाद 

H भीष्म पितामह द्वारा रक्षित हमारी सेना का बल पर्याप्त नहीं है, परन्तु भीम द्वारा रक्षित पाण्डवों की सेना बल पूर्ण है।

E Our army defended10 by Bheeshm is unconquerable, while their army defended by Bheem is easy to vanquish.
सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय 1 शलोक 11
अयनेषु च सर्वेषु यथाभागमवस्थिताः।
भीष्ममेवाभिरक्षन्तु भवन्तः सर्व एव हि॥1-11॥

हिन्दी और अंग्रेजी में अनुवाद 

H इसलिये सब लोग जिन जिन स्थानों पर नियुक्त हों वहां से सभी हर ओर से भीष्म पितामह की रक्षा करें।

E So, while keeping to your respective stations in the several divisions, all of you should doubtlessly protect Bheeshm alone on all sides.
सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय 1 शलोक 12
तस्य संजनयन्हर्षं कुरुवृद्धः पितामहः।
सिंहनादं विनद्योच्चैः शङ्खं दध्मौ प्रतापवान्॥1-12॥

हिन्दी और अंग्रेजी में अनुवाद 

H तब कुरुवृद्ध प्रतापवान भीष्म पितामह ने दुर्योधन के हृदय में हर्ष उत्पन्न करते हुये उच्च स्वर में सिंहनाद किया और शंख बजाना आरम्भ किया।

E To Duryodhan’s delight then, his mighty grandsire and the eldest of the Kaurav (Bheeshm) blew his conch to blare forth a lion-like roar.
सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय 1 शलोक 13
ततः शङ्खाश्च भेर्यश्च पणवानकगोमुखाः।
सहसैवाभ्यहन्यन्त स शब्दस्तुमुलोऽभवत्॥1-13॥

हिन्दी और अंग्रेजी में अनुवाद 

H तब अनेक शंख, नगारे, ढोल, शृंगी आदि बजने लगे जिनसे घोर नाद उत्पन्न हुआ।

E Then there abruptly arose a tumult of conches and kettledrums, tabors, drums, and cow-horns.
सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय 1 शलोक 14
ततः श्वेतैर्हयैर्युक्ते महति स्यन्दने स्थितौ।
माधवः पाण्डवश्चैव दिव्यौ शङ्खौ प्रदध्मतुः॥1-14॥

हिन्दी और अंग्रेजी में अनुवाद 

H तब श्वेत अश्वों से वहित भव्य रथ में विराजमान भगवान माधव और पाण्डव पुत्र अर्जुन नें भी अपने अपने शंख बजाये।

E Then, too, Madhav (Krishn) and Pandu’s son (Arjun), seated in the magnificent chariot to which white steeds were yoked, blew their celestial conches.
सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय 1 शलोक 15
पाञ्चजन्यं हृषीकेशो देवदत्तं धनञ्जयः।
पौण्ड्रं दध्मौ महाशङ्खं भीमकर्मा वृकोदरः॥1-15॥

हिन्दी और अंग्रेजी में अनुवाद 

H भगवान हृषिकेश नें पाञ्चजन्य नामक अपना शंख बजाया और धनंजय (अर्जुन) ने देवदत्त नामक शंख बजाया। तथा भीम कर्मा भीम नें अपना पौण्ड्र नामक महाशंख बजाया।

E While Hrishikesh (Krishn) blew his conch Panchjanya and Dhananjay (Arjun) the conch named Devdutt, Vrikodar (Bheem) of awesome deeds blew the great conch Paundr.
सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय 1 शलोक 16
अनन्तविजयं राजा कुन्तीपुत्रो युधिष्ठिरः।
नकुलः सहदेवश्च सुघोषमणिपुष्पकौ॥1-16॥

हिन्दी और अंग्रेजी में अनुवाद 

H कुन्तीपुत्र राजा युधिष्ठिर नें अपना अनन्त विजय नामक शंख, नकुल नें सुघोष और सहदेव नें अपना मणिपुष्पक नामक शंख बजाये।

E King Yudhisthir, the son of Kunti, blew the conch Anantvijay, whereas Nakul and Sahdev blew their conches Sughosh and Manipushpak.
सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय 1 शलोक 17, 18
काश्यश्च परमेष्वासः शिखण्डी च महारथः।
धृष्टद्युम्नो विराटश्च सात्यकिश्चापराजितः॥1-17॥

द्रुपदो द्रौपदेयाश्च सर्वशः पृथिवीपते।
सौभद्रश्च महाबाहुः शङ्खान्दध्मुः पृथक्पृथक्॥1-18॥

हिन्दी और अंग्रेजी में अनुवाद 

H धनुधर काशिराज, महारथी शिखण्डी, धृष्टद्युम्न, विराट तथा अजेय सात्यकि, द्रुपद, द्रोपदी के पुत्र तथा अन्य सभी राजाओं नें तथा महाबाहु सौभद्र (अभिमन्यु) नें – सभी नें अपने अपने शंख बजाये।

E The King of Kashi, a great bowman, Shikhandi who dwells in the Supreme Spirit, the unvanquished Dhristdyumn, Virat and Satyaki, Drupad and the sons of Draupadi, and Subhadra’s son of powerful arms (Abhimanyu), all blew, O lord of the earth, their own conches.
सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय 1 शलोक 19
स घोषो धार्तराष्ट्राणां हृदयानि व्यदारयत्।
नभश्च पृथिवीं चैव तुमुलो व्यनुनादयन्॥1-19॥

हिन्दी और अंग्रेजी में अनुवाद 

H शंखों की उस महाध्वनि से आकाश और पृथिवि गूँजने लगीं तथा धृतराष्ट्र के पुत्रों के हृदय भिन्न गये।

E The loud tumult, reverberating through heaven and earth, pierced the hearts of Dhritrashtr’s sons.

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Munish Ahuja Founder SpiritualWorld.co.in

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