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  • सिक्ख गुरु साहिबान
साईं बाबा का प्रेम सभी लोगों के प्रति एकसमान था| बाबा सभी वर्णों के लोगों से समान रूप से प्रेम करते ...
किसी के बारे में कोई भला-बुरा कहे या बुराई करे, यह बाबा को बिल्कुल पसंद नहीं था| बाबा सब जान जाते ...
नासिक निवासी भाऊ साहब धुमाल पेशे से एक जाने-माने वकील थे| एक कानूनी मुकदमे के सिलसिले में उन्हें ...
पंडितजी साईं बाबा को गांव से भगाने के विषय में सोच-विचार कर रहे थे कि तभी एक पुलिस कोंस्टेबिल आता ...
दादू की आँखों के आगे अपनी माँ, बहन और बीमार पत्नी के मुरझाये चेहरे घूम रहे थे|दादू ने जैसे ही घर के ...
आलंदी गांव (पूजा) के रहनेवाले एक स्वामी जी कर्णपीड़ा से बहुत दु:खी थे| उनके कान में इतना दर्द होता ...
आरती श्री साईं गुरुवर की |परमानन्द सदा सुरवर की || 
भोग लगाओ साईं बाबा रे मेरा प्रेम भरा प्रीति के पकवान बनाए और भाव भरे भोजन मैंने अपने हाथ से कहो तो ...
साईं बाबा के एक भक्त थे दामोदर घनश्याम बावरे| लोग उन्हें 'अण्णा चिंचणीकर' के नाम से जानते थे| साईं ...
एक बार एक तहसीलदार साईं बाबा के दर्शन करने के लिए शिरडी आये थे| उनके साथ एक डॉक्टर जो उनके मित्र ...
साईं बाबा अपने शिष्य के साथ बैठे आध्यात्मिक विषय पर बातें कर रहे थे कि तभी एक बूढ़ा व्यक्ति ...
शिरडी से कुछ दूरी पर रहाता गांव था| वहां खुशालचंद नाम का एक साहूकार रहता था| बाबा इससे भी तात्या ...
नाना साहब निमोणकर और उनकी पत्नी दोनों की साईं बाबा पर अटूट श्रद्धा थी| वे काफी समय से शिरडी में ...
एक तहसीलदार (व्ही.एच.ठाकुर) रेवेन्यू विभाग में कार्यरत थे| बहुत पढ़े-लिखे होकर भी उन्हें सत्संग से ...
मुम्बई के एक सज्जन थे जिनका नाम थे हरिश्चंद्र पिल्ले| उनके एकमात्र पुत्र को कई वर्ष से मिरगी के ...
अपने शुरूआती जीवन में साईं बाबा भी पहलवान की तरह रहते थे| शिरडी में मोहिद्दीन तंबोली नाम का एक ...
शाम का समय था| उस समय रावजी के दरवाजे पर धूमधाम थी| सारा घर तोरन और बंदनवारों से खूब अच्छी तरह से ...
एक बार चाँदोरकर के साथ एक सज्जन साईं बाबा से मिलने के लिए शिरडी आये थे| उन्होंने योग साधना के ...
हरदा गांव निवासी दत्तोपंत चौदह साल से पेटदर्द की पीड़ा से परेशान थे| उन्होंने हर तरह का इलाज करवाया ...
एक समय दासगणु महाराज हरिकथा कीर्तन के लिए शिरडी आये थे| उनका कीर्तन होना भक्तों को बहुत आनंद देता ...
दामोदर को सांप के काटने और साईं बाबा द्वारा बिना किसी मंत्र-तंत्र अथवा दवा-दारू के उसके शरीर से जहर ...
कोपीनेश्वर महादेव के नाम से बम्बई (मुम्बई) के नजदीक थाणे के पास ही भगवन् शिव का एक प्राचीन मंदिर है|
साईं बाबा और मोहिद्दीन की कुश्ती के कुछ वर्षों के बाद जौहर अली नाम का एक मुस्लिम फकीर रहाता में ...
साईं बाबा लोगों को उपदेश भी देते और उनसे विभिन्न धर्मग्रंथों का अध्ययन भी करवाते| साईं बाबा के कहने ...
उस समय तक शिरडी गांव की गिनती पिछड़े हुए गांवों में हुआ करती थी| उस समय शिरडी और उसके आस-पास के ...
95 वर्षीय वृद्ध मौलीबुवा विठोवा के परमभक्त थे| वे पंढरी के बारकरी में थे| मौलीबुवा पूरे वर्षभर में ...
साईं बाबा रहते तो शिरडी में ही थे, पर उनकी नजरें सदैव अपने भक्तों पर लगी रहती थीं| बाबा अपने भक्तों ...
एक बार शिरडी में हैजे का प्रकोप हो गया| जिससे शिरडीवासियों में भय फैल गया| अन्य गांवों से उनका ...
बाबा को द्वारिकामाई मस्जिद में आए अभी दूसरा ही दिन था कि अचानक मस्जिद के दूसरे छोर पर शोर मच गया - ...
साईं बाबा जब दामोदर तथा कुछ अन्य शिष्यों को साथ लेकर तात्या के घर पहुंचे, तो तात्या बेहोशी में न ...
साठे मुम्बई के प्रसिद्ध व्यापरी थे| एक बार उन्हें अपने व्यापार में बहुत हानि उठानी पड़ी, जिससे वे ...
गोपालराव गुंड की एक इच्छा तो पूर्ण हो गई थी| उसी तरह उनकी एक और इच्छा भी थी कि मस्जिद का ...
तात्या साहब नूलकर अपने डॉक्टर मित्र के साथ साईं बाबा के दर्शन करने के लिए शिरडी आये थे| मस्जिद में ...

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  • व्रत, विधि व कथा
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  • चालीसा संग्रह
यह व्रत पोश माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया को किया जाता है|
यह व्रत भाद्रपद शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को किया जाता है|इस दिन गौ की पूजा करने का विधान है| साथ में ...
श्रावण मास में जितने भी मंगलवार आएँ, उनमें रखे गये व्रत गौरी व्रत कहलाते हैं| यह व्रत मंगलवार को ...
सर्व मनोकामनाओ की पूर्ति हेतु रविवार का वर्त श्रेस्ठ है|
इस व्रत को करने वाला कथा कहते व सुनते समय हाथ मे गुड व भुने चने रखें|
यह व्रत आषाढ़ मास की पूर्णिमा को रखा जाता है| यह व्रत दक्षिण भारत में अधिक प्रचलित है| इस व्रत को ...
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मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता कीजय जय संतोषी माता जय जय मां
ॐ जय हनुमत वीरा स्वामी जय हनुमत वीरा |संकट मोचन स्वामी तुम हो रणधीरा || ॐ
शीश गंग अर्द्धागड़ पार्वती,सदा विराजत कैलाशी |
सुन मेरी देवी पर्वत वासिनी,कोई तेरा पार न पाया || टेक ||
मैं तेरा कंगाल पुजारी सौ-सौ दीप कहाँ से लाऊं |मेरे पास भक्ति है माता मैं उसी का दीप जलाऊँ |मैं एक ...
नामु तेरो आरती भजनु मुरारे |हरि के नाम बिनु झूठे सगल पसारे || रहउ०
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ॐ ऐं स्त्रीं श्रीं बुधाय नमः ||
यानि कानि च पापानि जन्मान्तरकृतानि च । तानि तानि प्रणश्यन्ति प्रदक्षिण पदे पदे ।।
हृषिकेश गोविन्द हरे मुरारी ! हे ! हृषिकेश गोविन्द हरे मुरारी !!
1. ॐ अनन्ताय नमः ।  2. ॐ गोविन्दाय नमः ।
आयुर्देहि धनं देहि विद्यां देहि महेश्वरि । समस्तमखिलां देहि देहि मे परमेश्वरि ।।
ॐ भूपतये स्वाहा, ॐ भुवनप, ॐ भुवनपतये स्वाहा । ॐ भूतानां पतये स्वाहा ।। 
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|| चौपाई || श्री रघुवीर भक्त हितकारी । सुन लीजै प्रभु अरज हमारी ॥
|| दोहा || ह्रीं श्रीं क्लीं मेधा प्रभा जीवन ज्योति प्रचण्ड॥शान्ति कान्ति जागृत प्रगति रचना ...
|| दोहा || जय गणपति सदगुणसदन, कविवर बदन कृपाल।विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥
|| दोहा || नमो नमो विन्ध्येश्वरी, नमो नमो जगदंब। संत जनों के काज में, करती नहीं बिलंब॥
|| दोहा || जय जय माता शीतला तुमही धरे जो ध्यान। होय बिमल शीतल हृदय विकसे बुद्धी बल ज्ञान ॥
|| चौपाई || नमो नमो दुर्गा सुख करनी |नमो नमो अम्बे दुखहरनी ||
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नम्रता का पाठ

एक बार अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन नगर की स्थिति का जायजा लेने के लिए निकले। रास्ते में एक जगह भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। वह कुछ देर के लिए वहीं रुक गए और वहां चल रहे कार्य को गौर से देखने लगे। कुछ देर में उन्होंने देखा कि कई मजदूर एक बड़ा-सा पत्थर उठा कर इमारत पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। किंतु पत्थर बहुत ही भारी था, इसलिए वह more...

व्यर्थ की लड़ाई

एक आदमी के पास बहुत जायदाद थी| उसके कारण रोज कोई-न-कोई झगड़ा होता रहता था| बेचारा वकीलों और अदालत के चक्कर के मारे परेशान था| उसकी स्त्री अक्सर बीमार रहती थी| वह दवाइयां खा-खाकर जीती थी और डॉक्टरों के मारे उसकी नाक में दम था| एक दिन पति-पत्नी में झगड़ा हो गया| पति ने कहा - "मैं लड़के को वकील बनाऊंगा, जिससे वह मुझे सहारा दे सके|" more...
 
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धर्म और दुकानदारी

एक दिन एक पण्डितजी कथा सुना रहे थे| बड़ी भीड़ इकट्ठी थी| मर्द, औरतें, बच्चे सब ध्यान से पण्डितजी की बातें सुन रहे थे| पण्डितजी ने कहा - "इस दुनिया में जितने प्राणी हैं, सबमें आत्मा है, सारे जीव एक-समान हैं| भीड़ में एक लड़का और उसका बाप बैठा था| पण्डितजी की बात लड़के को बहुत पसंद आई और उसने उसे गांठ बांध ली| अगले दिन लड़का दुकान पर गया| थोड़ी देर में एक more...
 
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समझदारी की बात

एक सेठ था| उसने एक नौकर रखा| रख तो लिया, पर उसे उसकी ईमानदारी पर विश्वास नहीं हुआ| उसने उसकी परीक्षा लेनी चाही| अगले दिन सेठ ने कमरे के फर्श पर एक रुपया डाल दिया| सफाई करते समय नौकर ने देखा| उसने रुपया उठाया और उसी समय सेठ के हवाले कर दिया| दूसरे दिन वह देखता है कि फर्श पर पांच रुपए का नोट पड़ा है| उसके मन में थोड़ा शक पैदा हुआ| more...

आध्यात्मिक जगत - World of Spiritual & Divine Thoughts.

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